Rajasthan Nikay Chunav 2026 के तहत जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच सियासी हलचल तेज है। 150 सदस्यीय निगम में BJP के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। BJP बहुमत के 76 के आंकड़े से दो सीट आगे है। इसके बावजूद कांग्रेस ने 25 सितंबर को होने वाले गुप्त मतदान में चौंकाने वाले नतीजे आने का दावा किया है। कांग्रेस की नजर निर्दलीयों के साथ-साथ BJP के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग पर है।

जयपुर मेयर चुनाव के लिए BJP ने पूर्व शहर अध्यक्ष सुनील कोठारी को और कांग्रेस ने सुनीता महावर को उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। मतदान 25 सितंबर को होगा और इसके तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।
कांग्रेस की पहली रणनीति बैठक, पार्षदों को एकजुट रहने के निर्देश
रविवार को जयपुर स्थित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों की पहली रणनीतिक बैठक हुई। बैठक में विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व शहर अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी, अर्चना शर्मा और मेयर प्रत्याशी सुनीता महावर मौजूद रहीं। कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सभी 57 पार्षदों को मतदान तक जयपुर से बाहर नहीं जाने और पार्टी अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पार्टी की रणनीति फिलहाल अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ निर्दलीयों और BJP के संभावित असंतुष्ट पार्षदों पर नजर रखने की है।
15 निर्दलीय पार्षद क्यों हैं अहम?
जयपुर नगर निगम में 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका इस चुनाव को दिलचस्प बना रही है। कांग्रेस रणनीतिकारों का दावा है कि इनमें से 8 निर्दलीय उसके संपर्क में हैं। हालांकि, कांग्रेस की पहली आधिकारिक बैठक में इनमें से कोई निर्दलीय पार्षद नजर नहीं आया। संख्या के लिहाज से देखें तो कांग्रेस के 57 पार्षदों के साथ सभी 8 निर्दलीय भी आ जाएं, तब भी आंकड़ा 65 तक पहुंचेगा। यानी 76 के बहुमत से 11 वोट कम रहेंगे। इसलिए कांग्रेस की उम्मीद सिर्फ निर्दलीयों के समर्थन पर नहीं, बल्कि गुप्त मतदान में BJP के संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी टिकी है।
गुप्त मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल
मेयर का चुनाव गुप्त मतदान से होना है। इसी वजह से दोनों दल अंतिम समय तक पार्षदों की गोलबंदी को लेकर सतर्क हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि BJP के कुछ पार्षद मेयर पद को लेकर असंतुष्ट हैं और ऐसे पार्षद मतदान के दौरान पार्टी लाइन से अलग वोट कर सकते हैं। हालांकि, यह कांग्रेस की रणनीतिक उम्मीद और दावा है। इसका वास्तविक असर 25 सितंबर के मतदान के बाद ही सामने आएगा।
BJP ने भी शुरू की बाड़ाबंदी
बहुमत के बावजूद BJP ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी की है। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने अपने पार्षदों को अजमेर के पुष्कर स्थित एक रिसॉर्ट में रखा। सुनील कोठारी का नाम तय होने के बाद उन्हें जयपुर लाकर नामांकन कराया गया। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने BJP की बाड़ाबंदी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 78 पार्षदों का बहुमत होने के बावजूद BJP को अपने पार्षदों पर भरोसा नहीं है। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
सुनील कोठारी बनाम सुनीता महावर
BJP के सुनील कोठारी वार्ड 112 से निर्वाचित हुए हैं और पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष रह चुके हैं। संगठन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए BJP ने उन्हें मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की सुनीता महावर आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 118 से पार्षद चुनी गई हैं। पार्टी ने उन्हें मेयर पद के लिए अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला सीधे सुनील कोठारी से है।
25 सितंबर को खुलेगा आखिरी पत्ता
जयपुर नगर निगम में मौजूदा संख्या बल BJP के पक्ष में है। 78 पार्षदों के साथ पार्टी बहुमत के आंकड़े से ऊपर है। कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीयों के पास 15 सीटें हैं। इसके बावजूद मेयर चुनाव में गुप्त मतदान, निर्दलीय पार्षदों का रुख और दोनों दलों के भीतर संभावित असंतोष को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अब 25 सितंबर को होने वाला मतदान ही बताएगा कि जयपुर की मेयर कुर्सी का समीकरण सिर्फ संख्या बल से तय होता है या मतदान के दिन कोई अलग तस्वीर सामने आती है।
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