Rajasthan Nikay Chunav 2026 के नतीजों ने जोधपुर संभाग में भाजपा के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। संभाग के बड़े शहरों और जिला मुख्यालयों में पार्टी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। जोधपुर नगर निगम में भाजपा बहुमत से दूर रह गई। पाली में कांग्रेस बोर्ड बनाने की तैयारी में है, जबकि सिरोही और जालोर जैसे जिला मुख्यालयों में भी भाजपा को झटका लगा है। कई निकायों में बहुमत के लिए अब पार्टी को निर्दलीयों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
खास बात यह है कि चुनाव में भाजपा ने बड़े नेताओं को मैदान में उतारा था। जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी ने मोर्चा संभाला। इसके बावजूद जोधपुर नगर निगम में पार्टी बहुमत तक नहीं पहुंच सकी।

जोधपुर में पूरी ताकत के बाद भी बहुमत से दूर भाजपा
जोधपुर संभाग के सबसे बड़े शहरी निकाय जोधपुर नगर निगम में भाजपा बहुमत से दूर रह गई। बोर्ड बनाने के लिए पार्टी को सात निर्दलीयों के समर्थन की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के संसदीय क्षेत्र में जोधपुर के अलावा फलोदी और पोकरण के निकाय भी आते हैं। जोधपुर में भाजपा बहुमत से दूर रही। शेखावत अपना वार्ड भी नहीं बचा पाए। पोकरण में भी भाजपा कांग्रेस से पीछे रही। उनके संसदीय क्षेत्र में सिर्फ बालेसर नगर पालिका में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला।
जोगाराम पटेल की विधानसभा में भी भाजपा को बड़ा झटका
कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल लूणी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनकी विधानसभा के आठ वार्ड जोधपुर नगर निगम में आते हैं। इन वार्डों के उम्मीदवार तय करने में भी उनकी भूमिका रही थी। अब तक आए सात वार्डों के नतीजों में भाजपा सिर्फ एक सीट जीत सकी है। वार्ड 50 के मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान होना है। इसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
पाली में कांग्रेस मजबूत, भाजपा सिर्फ 21 सीटों पर
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पाली के सुमेरपुर से आते हैं। सुमेरपुर नगर पालिका में भाजपा बोर्ड बनाने की स्थिति में है। लेकिन जिला मुख्यालय पाली की नगर परिषद में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा। पाली नगर परिषद की 65 सीटों में भाजपा को सिर्फ 21 सीटें मिली हैं। यहां कांग्रेस निर्दलीयों के सहारे सभापति बनाने की तैयारी में है। पाली जिले में प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत की स्थिति भी मिश्रित रही। जिले के कुल 10 निकायों में भाजपा छह पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं तीन निकायों में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
सिरोही में मंत्री ओटाराम देवासी के गढ़ में भाजपा को झटका
सिरोही जिले में मंत्री ओटाराम देवासी भाजपा का प्रमुख चेहरा हैं। जिले के छह निकायों में दो पर भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। लेकिन जिला मुख्यालय की नगर परिषद में पार्टी को करारी हार मिली। खास बात यह रही कि मंत्री अपनी विधानसभा सीट से जुड़े निकाय में भी भाजपा को जीत नहीं दिला पाए। जिले में कांग्रेस दो निकायों में बहुमत हासिल कर चुकी है। मंडार नगर पालिका में भाजपा को बहुमत के लिए चार निर्दलीयों की जरूरत है, जबकि आबूरोड में एक निर्दलीय का साथ चाहिए।
जालोर में मुख्य सचेतक भी नहीं बचा पाए अपना मुख्यालय
जालोर में सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भी अपने विधानसभा मुख्यालय की नगर परिषद नहीं बचा पाए। यहां भाजपा को 40 में से सिर्फ 14 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि सात निर्दलीय भी जीते हैं। ऐसे में कांग्रेस यहां बोर्ड बनाने की स्थिति में है। हालांकि जालोर जिले के दूसरे निकायों में भाजपा को राहत मिली। भीनमाल नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए उसे दो निर्दलीयों की जरूरत है। सांचोर और सायला में भाजपा बहुमत हासिल कर चुकी है।
फलोदी में खींवसर को भी निर्दलीयों की जरूरत
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर फलोदी जिले से आते हैं। फलोदी नगर परिषद में भाजपा बहुमत से चूक गई है। बोर्ड बनाने के लिए पार्टी को निर्दलीय पार्षदों के सहयोग की जरूरत पड़ेगी। यह स्थिति संभाग में उन बड़े निकायों की तस्वीर सामने रखती है, जहां भाजपा बहुमत के करीब पहुंचकर भी बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों पर निर्भर हो गई है।
पीपी चौधरी के संसदीय क्षेत्र में मिला-जुला प्रदर्शन
पाली संसदीय क्षेत्र के सांसद पीपी चौधरी के क्षेत्र में भाजपा को मिश्रित परिणाम मिले हैं। पाली से जुड़े निकायों में पार्टी को सफलता मिली, लेकिन जोधपुर जिले की तीन विधानसभा सीटों से जुड़े निकायों में प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। भोपालगढ़ और तिंवरी में कांग्रेस बोर्ड बनाने के लिए बहुमत हासिल कर चुकी है। वहीं मथानिया और बिलाड़ा में भाजपा को बहुमत मिला है। पीपाड़ शहर नगर पालिका में बोर्ड निर्दलीयों के भरोसे रहेगा।
केके विश्नोई संभाग के सबसे सफल मंत्री
इन नतीजों के बीच मंत्री केके विश्नोई का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। वे गुढ़ामालानी से विधायक हैं और भजनलाल सरकार में बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिलों के मंत्री हैं। बालोतरा उनका गृह जिला है।उनके प्रभार वाले तीनों जिलों में भाजपा ने कांग्रेस को स्पष्ट रूप से पीछे छोड़ा। बालोतरा में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। गुढ़ामालानी पहले बाड़मेर जिले में शामिल था और बाड़मेर जिले के दोनों निकायों में भाजपा ने जीत दर्ज की। जैसलमेर जिला मुख्यालय की नगर परिषद में भी भाजपा का सभापति बनने की स्थिति है। मुख्यमंत्री ने केके विश्नोई को जोधपुर नगर निगम में महापौर बनाने की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
बड़े शहरों और ग्रामीण कस्बों के नतीजों में अंतर
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश व्यास के मुताबिक भाजपा प्रमुख शहरी निकायों के मुख्यालयों पर बहुमत से दूर है। उनके अनुसार इसकी जिम्मेदारी संगठन के साथ मंत्री और विधायकों की भी बनती है। उन्होंने कहा कि कई जगह भाजपा बहुमत के करीब पहुंचकर अटक गई, जबकि ग्रामीण कस्बों में बने निकायों में पार्टी को अच्छी सफलता मिली है। जोधपुर संभाग के नतीजे इस लिहाज से भाजपा के लिए मिश्रित रहे। छोटे और ग्रामीण कस्बों में पार्टी को कई जगह सफलता मिली, लेकिन बड़े शहरों और जिला मुख्यालयों में उसे अपेक्षित बढ़त नहीं मिल सकी। कई जगह अब निर्दलीय ही बोर्ड की तस्वीर तय करेंगे।
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