Rajasthan Nikay Chunav 2026 के बीच जोधपुर के मथानिया में नामांकन प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। निर्धारित समय के बाद भाजपा विधायक भैराराम सियोल और एक प्रत्याशी के RO कक्ष में पहुंचने के आरोपों के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाए थे।

पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने समर्थकों के साथ RO कार्यालय के बाहर धरना दिया, जो रातभर जारी रहा। विवाद के बाद प्रशासन ने RO की निगरानी के लिए ADM को तैनात किया है। साथ ही मथानिया CI को चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं।
RO की निगरानी के लिए ADM तैनात
नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने RO की निगरानी के लिए ADM की नियुक्ति की है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है।
इसके अलावा मथानिया CI को भी चुनावी प्रक्रिया से अलग रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था नामांकन के अंतिम दिन RO कक्ष में निर्धारित समय के बाद प्रवेश को लेकर उठे विवाद के बाद की गई है।
3 बजे के बाद RO कक्ष में प्रवेश पर विवाद
मथानिया नगर पालिका चुनाव में नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा सोमवार दोपहर 3 बजे निर्धारित थी। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी भाजपा विधायक भैराराम सियोल करीब 3:05 बजे तक RO कक्ष में मौजूद थे।
दिव्या मदेरणा का दावा था कि विधायक एक प्रत्याशी के साथ RO कक्ष में पहुंचे थे और उस समय कक्ष का मुख्य दरवाजा बंद था। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से समय सीमा के बाद RO कक्ष में मौजूद लोगों को बाहर निकालने की मांग की।
इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताया। दिव्या मदेरणा के अनुसार, वहां मौजूद एक कांग्रेस प्रत्याशी के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और उसे बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचीं दिव्या मदेरणा
कार्यकर्ताओं से जानकारी मिलने के बाद दिव्या मदेरणा मथानिया नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने RO कक्ष के बाहर समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया।
दिव्या मदेरणा ने सवाल उठाया कि जब दोपहर 3 बजे के बाद नामांकन प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, तो विधायक और प्रत्याशी RO कक्ष तक कैसे पहुंचे। उन्होंने थानाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाया और चुनावी प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम लागू किए जाने का आरोप लगाया।
रातभर धरने पर बैठीं रहीं दिव्या
विवाद के बाद दिव्या मदेरणा समर्थकों के साथ रातभर धरना स्थल पर डटी रहीं। प्रशासन की ओर से उन्हें समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन विरोध जारी रहा। इसी दौरान धरना स्थल पर रात में सोते हुए उनकी तस्वीर भी सामने आई। इससे मथानिया का चुनावी विवाद और चर्चा में आ गया।
दिव्या मदेरणा ने कहा कि उनका उद्देश्य हंगामा खड़ा करना नहीं है। उनका कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहती हैं। उन्होंने मथानिया में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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