Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में चुनावी माहौल के बीच सचिन पायलट के गढ़ टोंक के डारडाहिन्द गांव में ग्रामीणों ने नगर परिषद चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। परिसीमन के दौरान गांव को ग्राम पंचायत से हटाकर नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने कहा है कि न तो गांव से कोई चुनाव लड़ेगा और न ही कोई मतदान करेगा। ग्रामीणों की मांग है कि डारडाहिन्द को दोबारा ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब 18 महीनों से गांव में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर गांव की समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि नगर निकाय में शामिल होने के बाद चीजों के दाम बढ़ेंगे, लेकिन गांव का विकास नहीं होगा।
SDM और तहसीलदार समझाने पहुंचे
ग्रामीणों को चुनाव में मतदान के लिए मनाने के लिए SDM सीमा खेतान और तहसीलदार अजित पाल सिंह यादव गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और चुनाव में मतदान करने की अपील की।
हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने प्रशासन की समझाइश मानने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक डारडाहिन्द को दोबारा ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं मिलता, एक भी वोट नहीं डाला जाएगा और गांव से कोई प्रत्याशी भी चुनाव नहीं लड़ेगा। ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन के कहने पर वे चाहे जो कर लें, लेकिन मतदान नहीं करेंगे।
चुनाव के दिन गांव के गेट पर ताला लगाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चुनाव के दिन गांव के मुख्य गेट पर ताला लगाने की भी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि चुनाव के दिन किसी को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांग को लेकर SDM और तहसीलदार गांव पहुंचे, लेकिन कोई नेता उनसे मिलने नहीं आया। उन्होंने SDM सीमा खेतान का आभार जताते हुए कहा कि कम से कम उन्होंने 18 महीने बाद उनकी सुध ली।
ग्राम पंचायत का दर्जा बहाल करने की मांग
ग्रामीणों ने दोहराया कि जब तक डारडाहिन्द को फिर से ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं दिया जाता, उनका आंदोलन और चुनाव बहिष्कार जारी रहेगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राजनीतिक दल से गांव का कोई व्यक्ति उम्मीदवार नहीं बनेगा और गांव के लोग मतदान भी नहीं करेंगे।
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