Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव की बारी है। गांव की सरकार चुनने वाले इस चुनाव में 18 से 35 साल की उम्र के करीब 1.85 करोड़ मतदाता अहम भूमिका में होंगे। राज्य की अंतिम मतदाता सूची में कुल 4,03,07,308 मतदाता हैं। इनमें 18 से 25 साल के 76.24 लाख और 26 से 35 साल के 1.08 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं।

यानी हर 100 मतदाताओं में करीब 46 मतदाता 18 से 35 साल के हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव में रोजगार, शिक्षा, इंटरनेट, कौशल, खेती से आय और पलायन जैसे युवा मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं।

पंचायत चुनाव में 1.85 करोड़ युवा वोटर

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में राजस्थान में कुल 4,03,07,308 मतदाता हैं। इनमें 2,08,87,351 पुरुष, 1,94,19,789 महिला और 168 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। उम्र के हिसाब से 18 से 25 साल के 76.24 लाख और 26 से 35 साल के 1.08 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। दोनों आयु वर्गों को मिलाने पर संख्या करीब 1.85 करोड़ पहुंचती है। यह कुल मतदाताओं का करीब 46 फीसदी है।

18-25 और 26-35 के युवाओं के मुद्दे अलग

18 से 35 साल के मतदाताओं को एक ही नजर से देखना आसान है, लेकिन इस वर्ग के भीतर ही प्राथमिकताएं अलग हैं। 18 से 25 साल का बड़ा वर्ग पढ़ाई, कॉलेज, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल प्रशिक्षण और पहली नौकरी के दौर में है। ग्रामीण इलाकों में उसके सामने डिजिटल संसाधनों, कोचिंग और रोजगार के अवसरों से जुड़े सवाल भी हैं।

वहीं 26 से 35 साल का युवा नौकरी, कारोबार, खेती, परिवार और आवास जैसी जिम्मेदारियों से ज्यादा जुड़ा है। इस वर्ग में ऐसे युवा भी हैं जो गांव में रहकर खेती या कारोबार कर रहे हैं और ऐसे भी हैं जो रोजगार के लिए दूसरे शहरों या राज्यों में गए हैं। यानी पंचायत चुनाव में युवा वोट कोई एकसमान समूह नहीं है। उम्र के साथ उसकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं।

Gen-Z और पहली बार वोट डालने वाले युवा

पंचायत चुनाव की चर्चा में Gen-Z का भी जिक्र हो रहा है। 2026 में 18 साल या उससे अधिक उम्र के इस पीढ़ी के सदस्य मतदान कर रहे हैं। आयोग की रिपोर्टों में राजस्थान पंचायत चुनाव में करीब 76 लाख Gen-Z मतदाताओं का उल्लेख है। करीब 14 लाख युवा पहली बार मतदान करेंगे। इनके लिए पंचायत चुनाव स्थानीय लोकतंत्र से पहला सीधा जुड़ाव भी होगा। इसी वजह से 2026 की मतदाता सूची प्रक्रिया में युवा और नव मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष अभियान चलाया गया था। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्कूल-कॉलेजों में नव मतदाताओं से संपर्क कर मतदान के महत्व की जानकारी भी दी।

शहर के बाद गांव में बदल जाएगा युवा वोट का एजेंडा

हाल में हुए निकाय चुनावों में युवाओं के सामने सड़क, ट्रैफिक, पार्क, स्ट्रीट लाइट, सफाई, सीवरेज, सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय रोजगार जैसे शहरी मुद्दे थे। पंचायत चुनाव में वही युवा जब गांव की राजनीति का हिस्सा बनेगा तो उसके सवाल बदल जाएंगे। यहां खेती और सिंचाई, पेयजल, बिजली, गांव की सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, इंटरनेट, खेल सुविधाएं, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दे ज्यादा सीधे सामने आएंगे। युवा मतदाता सोहन शर्मा के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने से पलायन रोका जा सकता है। उनके लिए बिजली, पानी, सड़क और चिकित्सा सुविधाएं भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

रोजगार सिर्फ सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं

गांव के युवाओं के लिए रोजगार का मतलब केवल सरकारी नौकरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर आय के अवसर पैदा होना भी बड़ा सवाल है। कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, पशुपालन, हस्तशिल्प, छोटे कारोबार, डिजिटल सेवाएं और ग्रामीण पर्यटन जैसे क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार के अवसर से जुड़े हैं।

इसके साथ पलायन भी पंचायत चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है। गांव में रोजगार और आय के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर युवाओं को दूसरे शहरों और राज्यों का रुख करना पड़ता है।

इंटरनेट अब गांव के युवा की जरूरत

डिजिटल कनेक्टिविटी भी पंचायत चुनाव में युवा मुद्दा बन सकती है। ऑनलाइन पढ़ाई, सरकारी आवेदन, बैंकिंग, डिजिटल कारोबार और रोजगार की जानकारी तक पहुंच के लिए इंटरनेट जरूरी है। युवा मतदाता नवीन मीना का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को शहर जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल संसाधन, रोजगार के अवसर और आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण उनकी प्राथमिकताओं में हैं।

युवा महिला वोटर भी बड़ा फैक्टर

पंचायत चुनाव में युवा महिला मतदाताओं की भूमिका को अलग से देखना होगा। कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 48.18 फीसदी है। युवा महिला वोटरों के लिए शिक्षा, कॉलेज तक पहुंच, सुरक्षित परिवहन, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को कई बार शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में छात्रावास और परिवहन की सुविधा भी पंचायत चुनाव के मुद्दों में शामिल हो सकती है।

पानी, सड़क और नाली से लेकर शिक्षा तक स्थानीय मुद्दे

युवा मतदाता दीक्षा शर्मा और शुभाष शर्मा के मुताबिक पंचायत चुनाव में बुनियादी सुविधाओं की भी बड़ी भूमिका है। पानी, सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दे सीधे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं।

शुभाष का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क किनारे नालियों की कमी से गंदगी की समस्या बनी रहती है। वहीं दीक्षा के मुताबिक सड़क और लाइट के साथ छात्रावास और ट्रांसपोर्ट भी बड़े मुद्दे हैं, क्योंकि बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए शहर जाना पड़ता है।

राजनीतिक दलों के लिए क्या है संदेश?

1.85 करोड़ युवा मतदाताओं का आंकड़ा यह नहीं बताता कि पूरा युवा वर्ग किसी एक मुद्दे या राजनीतिक दल के साथ जाएगा। युवा मतदाता का फैसला स्थानीय उम्मीदवार, परिवार, समुदाय, विकास के अनुभव, रोजगार और सरकारी योजनाओं जैसे कई कारकों से प्रभावित हो सकता है।

इसलिए पंचायत चुनाव में युवा एजेंडा किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है। सभी प्रत्याशियों के लिए चुनौती यही होगी कि वे स्थानीय युवाओं के सवालों को कितनी गंभीरता से समझते हैं और उन्हें अपने चुनावी संवाद में किस तरह जगह देते हैं।

पंचायत चुनाव में युवा वोट का गणित

  • कुल मतदाता: 4,03,07,308
  • 18-25 वर्ष: 76.24 लाख
  • 26-35 वर्ष: 1.08 करोड़ से ज्यादा
  • 18-35 वर्ष: करीब 1.85 करोड़
  • 18-35 वर्ष की हिस्सेदारी: करीब 46 फीसदी
  • पहली बार वोटर: करीब 14 लाख
  • Gen-Z मतदाता: करीब 76 लाख

पंचायत चुनाव में युवाओं के बड़े मुद्दे

  • रोजगार
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
  • उच्च शिक्षा
  • इंटरनेट और डिजिटल संसाधन
  • कौशल विकास
  • खेती से आय
  • कारोबार और स्वरोजगार
  • पलायन
  • खेल सुविधाएं
  • स्वास्थ्य
  • सड़क, पानी और बिजली
  • छात्रावास और परिवहन

पंचायत चुनाव में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर मतदान होना है। ऐसे में 18 से 35 साल का बड़ा मतदाता वर्ग गांव की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब देखना यह होगा कि चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी युवाओं के इन सवालों को कितना स्थान देते हैं और गांव की चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक युवा एजेंडा किस तरह आकार लेता है।

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