Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 से पहले पुलिस की भूमिका को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हालिया निकाय चुनाव में पुलिस अधिकारियों की कथित भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही पंचायत चुनाव में पुलिस को निष्पक्ष होकर काम करने की मांग रखी। DGP ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

निकाय चुनाव के मामलों के सबूत देने का दावा

DGP से मुलाकात के बाद डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने ज्ञापन के साथ सबूत भी सौंपे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक-एक मामले पर DGP से चर्चा की गई। डोटासरा ने कहा कि निकाय चुनाव के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर कांग्रेस ने जो आपत्तियां उठाई हैं, उन्हें अब आधिकारिक तौर पर सामने रखा गया है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में पुलिस और प्रशासन के जरिए पार्षदों पर दबाव बनाया गया। उनका दावा है कि कई जगह पुलिस अधिकारी पार्षदों की बाड़ेबंदी तक पहुंचे।

पंचायत चुनाव में निष्पक्ष पुलिसिंग की मांग

कांग्रेस नेताओं ने DGP से कहा कि निकाय चुनाव जैसी स्थिति पंचायत चुनाव में नहीं होनी चाहिए। डोटासरा ने पुलिस से कानून व्यवस्था तक सीमित रहते हुए निष्पक्ष तरीके से काम करने की मांग की। DGP ने प्रतिनिधिमंडल को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को राजनीति का हिस्सा नहीं बनने और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के संबंध में निर्देश देने की बात कही।

तबादलों को लेकर भी डोटासरा का आरोप

डोटासरा ने हाल में हुए कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों ने भाजपा के दबाव में काम नहीं किया, उनका तबादला कर दिया गया। उन्होंने खाटू श्यामजी का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां SP, DSP, SDM और CI तक को बदला गया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था। ये सभी डोटासरा के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

पंचायत चुनाव के दावेदारों को धमकाने का आरोप

डोटासरा ने पंचायत चुनाव के संभावित दावेदारों को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उनका दावा है कि कुछ लोगों को चुनाव लड़ने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी दावेदार के परिवार में सरकारी कर्मचारी होने पर तबादले की धमकी दी जा रही है। वहीं व्यापारी वर्ग से जुड़े लोगों पर उनके कारोबार को नुकसान पहुंचाने का दबाव बनाने का भी उन्होंने दावा किया।

जूली बोले- पुलिस को पार्षद पकड़ने का काम नहीं

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी निकाय चुनाव में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है, उसका इस्तेमाल पार्षदों को पकड़ने और उन पर दबाव बनाने के लिए किया गया। जूली ने कहा कि कांग्रेस ने इन मामलों से जुड़े सबूत DGP को सौंपे हैं। उन्होंने पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

डोटासरा का दावा- पंचायत चुनाव में भाजपा को जवाब देगी जनता

डोटासरा ने पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव के दौरान कथित घटनाओं से लोगों में नाराजगी है और पंचायत चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, पंचायत चुनाव के परिणाम को लेकर डोटासरा का दावा राजनीतिक बयान है, इसे स्वतंत्र तथ्य या चुनावी पूर्वानुमान के रूप में नहीं देखा जा सकता।

चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव

राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। ऐसे में पंचायत चुनाव से पहले पुलिस और प्रशासन की निष्पक्षता का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस की शिकायत पर अब DGP स्तर पर आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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