Rajasthan Panchayat Election 2026 के दूसरे चरण में शुक्रवार को 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान हुआ। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 6 बजे तक चली। इस दौरान ग्रामीण मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

मतदान का समय पूरा होने तक प्रदेश में 78.77 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। बाड़मेर की बाज्जू खालसा पंचायत समिति 89.33 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रही, जबकि जालोर की आहोर पंचायत समिति में सबसे कम 60.94 प्रतिशत वोट पड़े। निर्वाचन विभाग के अंतिम आंकड़े जारी होने के बाद मतदान प्रतिशत में बदलाव संभव है।

बाड़मेर में सबसे ज्यादा, जालोर में सबसे कम मतदान

दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर वोट डाले। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बाड़मेर जिले की दूगेरो का तला में सबसे ज्यादा 90.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

वहीं, बाड़मेर की बाज्जू खालसा पंचायत समिति में 89.33 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसके उलट जालोर की आहोर पंचायत समिति में मतदान का आंकड़ा 60.94 प्रतिशत रहा। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला।

1.06 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के हाथ में था फैसला

दूसरे चरण के चुनाव में कुल 1 करोड़ 6 लाख 56 हजार 127 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 55 लाख 19 हजार 336 पुरुष और 51 लाख 36 हजार 744 महिला मतदाता शामिल थे।

इन मतदाताओं को 3,626 सरपंच और 33,804 वार्ड पंच चुनने का मौका मिला। सरपंच पद के लिए कुल 21,839 उम्मीदवार मैदान में थे। हालांकि, 45 ग्राम पंचायतों में सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।

जोधपुर में सबसे ज्यादा पंचायतों में चुनाव

जिलावार आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में जोधपुर जिले में सबसे ज्यादा 442 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान कराया गया। यहां 442 सरपंच और 3,768 वार्ड पंच पदों के लिए वोट डाले गए।

दूसरी ओर, कोटा जिले में सबसे कम 47 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए। यहां 47 सरपंच और 505 वार्ड पंच पदों के लिए मतदान कराया गया।

मतदान के बाद शुरू हुई मतगणना

शाम 6 बजे मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मतदान केंद्रों पर मतगणना शुरू कर दी गई। पंचायत मुख्यालयों पर वोटों की गिनती की व्यवस्था की गई है। देर रात तक अधिकांश ग्राम पंचायतों के परिणाम सामने आने की संभावना है।

गौरतलब है कि राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद अब आगामी चरणों की चुनावी प्रक्रिया पर ग्रामीण क्षेत्रों की नजर रहेगी।

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