Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में मंगलवार को पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के दौरान भरतपुर और डीग जिले के दो गांवों में ग्रामीणों ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया। भरतपुर के बयाना क्षेत्र के नगला सिंघाड़ा और डीग के कामां क्षेत्र के नगला किशोर सिंह में पंचायत परिसीमन के विरोध में किसी भी ग्रामीण ने मतदान नहीं किया। वहीं, करौली में चुनावी ड्यूटी के प्रशिक्षण से बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा ने तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

दोनों गांवों में ग्रामीणों की नाराजगी ग्राम पंचायत बदले जाने को लेकर है। उनकी मांग है कि गांवों को पहले की ग्राम पंचायतों में शामिल किया जाए। दूसरी ओर, करौली में तीसरे चरण का मतदान जारी रहा और सुबह 10 बजे तक जिले में 16.37 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।

भरतपुर के नगला सिंघाड़ा में पंचायत बदलने पर विरोध

भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र स्थित नगला सिंघाड़ा गांव में ग्रामीणों ने पंचायत परिसीमन के विरोध में मतदान नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव को अलग ग्राम पंचायत बनाया गया था, लेकिन परिसीमन के दौरान इसे बंगसपुरा ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है। उनका कहना है कि नगला सिंघाड़ा का सामाजिक और पारंपरिक जुड़ाव सिंघाड़ा गांव से है। बंगसपुरा की दूरी अधिक होने के कारण भी उन्हें परेशानी होगी।

ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक गांव को फिर से पुरानी ग्राम पंचायत सिंघाड़ा में शामिल नहीं किया जाता या नगला सिंघाड़ा के नाम से अलग पंचायत बहाल नहीं होती, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे।

डीग के कामां में भी नहीं पड़ा एक भी वोट

पंचायत परिसीमन को लेकर विरोध केवल भरतपुर तक सीमित नहीं रहा। डीग जिले के कामां क्षेत्र के नगला किशोर सिंह गांव में भी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया।

यह गांव बिरार ग्राम पंचायत से जुड़ा है। ग्रामीणों ने नवसृजित बिरार पंचायत में शामिल किए जाने का विरोध करते हुए गांव को पहले की तरह सबलाना ग्राम पंचायत में रखने की मांग की। इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया। विरोध के चलते गांव में एक भी वोट नहीं डाला गया।

भरतपुर की 156 ग्राम पंचायतों में मतदान जारी

भरतपुर जिले में तीसरे चरण के तहत बयाना, भुसावर, नदबई और वैर पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदान हुआ। जिले की 156 ग्राम पंचायतों में 543 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के लिए ईवीएम से वोट डाले जा रहे हैं। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। बुजुर्गों और महिलाओं ने भी मतदान में हिस्सा लिया।

करौली में तीन चुनाव कार्मिक निलंबित

करौली जिले में चुनाव ड्यूटी में लापरवाही के मामले में तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा ने मतदान दलों के दूसरे प्रशिक्षण में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबित कर्मचारियों में हिंडौन के कृषि पर्यवेक्षक अमर सिंह मीना, सतीश कुमार और कानरदा महाराजपुरा के अध्यापक रामलखन बैरवा शामिल हैं। ये सभी 2 नवंबर को राजकीय महाविद्यालय करौली में आयोजित मतदान दलों के द्वितीय प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे थे। तीनों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम 13 के तहत कार्रवाई की गई है।

करौली में सुबह 10 बजे तक 16.37 प्रतिशत मतदान

करौली में तीसरे चरण के तहत हिण्डौन, श्रीमहावीरजी, सुरौठ और शेरपुर पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदान जारी रहा। जिले के 51 पंचायत समिति वार्ड और 9 जिला परिषद वार्डों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 10 बजे तक जिले में कुल 16.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसमें हिण्डौन पंचायत समिति क्षेत्र में 17.34 प्रतिशत, श्रीमहावीरजी में 16.43 प्रतिशत और सुरौठ-शेरपुर में 15.35 प्रतिशत वोटिंग हुई। करौली के बाईं जट्ट मतदान केंद्र पर 95 वर्षीय प्रीतम देवी ने मतदान किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान केंद्र पहुंचकर उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

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