Rajasthan PCCF HoFF Appointment: राजस्थान में वन विभाग के नए प्रमुख यानी PCCF-HoFF की नियुक्ति को लेकर बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। 24 सितंबर 2026 को प्रस्तावित विशेष चयन समिति की बैठक 23 सितंबर को ही रद्द कर दी गई। कार्मिक विभाग ने इसके पीछे अपरिहार्य कारण बताए हैं। बैठक टलने के बाद ब्यूरोक्रेसी से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

एक दिन पहले बैठक रद्द, नियुक्ति प्रक्रिया पर लगा ब्रेक
वन विभाग के नए प्रमुख के चयन के लिए विशेष चयन समिति की बैठक 24 सितंबर को होनी थी। लेकिन बैठक से महज एक दिन पहले 23 सितंबर को कार्मिक विभाग ने इसे रद्द कर दिया।
इस घटनाक्रम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वन विभाग के प्रमुख के चयन की प्रक्रिया में इतनी कम समय सीमा में बैठक टलने की घटना पहले सामने नहीं आई थी। बैठक रद्द होने के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है।
PMO पहुंची शिकायत, पीके उपाध्याय को लेकर उठे सवाल
बैठक टलने के पीछे वरिष्ठ अधिकारी पीके उपाध्याय के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय में पहुंची शिकायत को अहम वजह बताया जा रहा है। शिकायत में अलवर और बारां जिलों से जुड़े करीब 21 करोड़ रुपए के कथित वित्तीय घोटाले की विजिलेंस जांच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।
पीके उपाध्याय को वन विभाग प्रमुख के पद के प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा था। ऐसे में शिकायत सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे और बैठक को लेकर स्थिति बदल गई।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर मुख्य सचिव को पत्र
मामले में कोटा के अधिवक्ता तपेश्वर सिंह भाटी ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को कानूनी पत्र भेजा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 2011 के सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले का हवाला दिया गया है, जिसे पी.जे. थॉमस प्रकरण के नाम से भी जाना जाता है।
पत्र में भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों या लंबित जांच के दायरे में आने वाले अधिकारी की शीर्ष पद पर नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई गई। साथ ही कहा गया कि जांच पूरी होने से पहले नियुक्ति होने पर उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
1185 करोड़ की परियोजना की फंडिंग और NOC भी चर्चा में
विवाद के बीच फ्रांस की विकास एजेंसी AFD से वित्तपोषित करीब 1185 करोड़ रुपए की परियोजना की फंडिंग और NOC को लेकर भी सवाल उठे हैं। इससे वन विभाग से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता और बढ़ गई है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से इस मामले को लेकर संपर्क किया गया तो उन्होंने फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और आगे का फैसला तय प्रक्रिया और नियमों के अनुसार होगा।
PCCF-HoFF की रेस में ये नाम
वन विभाग के प्रमुख पद के लिए पीके उपाध्याय के अलावा अनुराग भारद्वाज और शिखा मेहरा के नाम भी चर्चा में हैं। वरिष्ठता के लिहाज से पीके उपाध्याय सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इससे पहले जून 2024 में भी वरिष्ठता को दरकिनार कर अरिंदम तोमर की जगह अरिजीत बनर्जी को वन विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई थी। मौजूदा वन विभाग प्रमुख अरिजीत बनर्जी 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
अब 24 सितंबर की बैठक रद्द होने के बाद PCCF-HoFF की नियुक्ति को लेकर अगली प्रक्रिया क्या होगी, इस पर सबकी नजर है। शिकायत, कानूनी पत्र और चयन प्रक्रिया से जुड़े सवालों के बीच सरकार के अगले फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
पढ़ें ये खबरें
- वैभव के दाता शुक्र की वक्री चाल, इन 4 राशियों के लिए 42 दिन खास, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
- Rajasthan Politics: वोट चोरी के खिलाफ जयपुर में कांग्रेस का मार्च, बैरिकेडिंग पर भिड़ंत के बाद पुलिस ने चलाई वाटर कैनन
- ‘3 दिन पहले लगी थी नई नौकरी…’: गुरुग्राम में अचानक ट्रेन के आगे कूदा 29 साल का युवक, इलाके में सन्नाटा!
- 16 श्राद्ध में किसी एक दिन गाय को खिलाएं यह आहार, घर में नहीं रहेगा किसी भी तरह का पितृ दोष …
- RCA Election 2026: 32 वोटों का दावा फिर भी क्यों हटे पराक्रम राठौड़? चुनाव से पहले आखिरी दिन बदल गया पूरा खेल

