Rajasthan Politics: राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव का दौर खत्म होने के बाद अब पंचायत चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं।

सोमवार को वे भरतपुर और खैरथल-तिजारा के दौरे पर हैं। इस दौरान विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ जनसभा और स्थानीय स्तर पर संवाद का कार्यक्रम है। ऐसे में मुख्यमंत्री के लगातार जिलावार दौरों को आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

भरतपुर के बयाना से खैरथल-तिजारा तक CM का दौरा

राज्य में 309 नगरीय निकायों के चुनाव सितंबर में दो चरणों में हुए थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता भी हटा दी है। अब राजनीतिक दलों का ध्यान ग्रामीण क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र के बिड्यारी में कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। यहां विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसके बाद मुख्यमंत्री खैरथल-तिजारा जाएंगे, जहां विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों के साथ स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं से संवाद होगा। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रदेश में अगले स्थानीय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।

लगातार जिलों के दौरे पर CM भजनलाल

मुख्यमंत्री के हालिया कार्यक्रमों पर नजर डालें तो उनका दौरा अभियान लगातार जारी है। 26 सितंबर को उन्होंने प्रतापगढ़ और उदयपुर संभाग में कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रतापगढ़ में 924 करोड़ रुपए के 1,452 विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास का कार्यक्रम हुआ। 27 सितंबर को मुख्यमंत्री सूरतगढ़ पहुंचे थे। इससे पहले 24 सितंबर को बीकानेर और ब्यावर-जैतारण के दौरे का भी कार्यक्रम रहा। आगामी 3 अक्टूबर को जैसलमेर दौरा प्रस्तावित बताया गया है।

विकास कार्यक्रमों के साथ संगठन पर भी नजर

मुख्यमंत्री के इन दौरों में विकास कार्यों के कार्यक्रमों के साथ स्थानीय स्तर पर संवाद भी अहम हिस्सा है। पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के जरिए संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। शहरी निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत और जिला परिषद चुनाव अगला बड़ा स्थानीय राजनीतिक पड़ाव हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करना और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाना पार्टियों के लिए अहम होगा।

निकाय चुनाव के बाद अब ग्रामीण इलाकों पर फोकस

राजस्थान में हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनाव में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाओं समेत 309 शहरी निकायों में चुनाव हुए। कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ था। अब मुख्यमंत्री के लगातार जिलावार दौरों में ग्रामीण इलाकों को भी प्रमुखता मिल रही है। विकास योजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास और स्थानीय संवाद के जरिए सरकार की गतिविधियां प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच रही हैं। आने वाले दिनों में इन दौरों के साथ पंचायत चुनाव की तैयारियां किस तरह आगे बढ़ती हैं, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

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