Rajasthan politics: राजस्थान में SI भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत गरमा गई है। नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने इस मुद्दे पर न सिर्फ राज्य सरकार को घेरा, बल्कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर भी तीखा हमला बोला।

6 जून को जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने सरकार की चुप्पी को युवाओं के भविष्य के साथ गद्दारी करार दिया। उन्होंने कहा, यह सरकार उन्हीं लोगों के साथ खड़ी है, जिन्होंने भर्ती घोटाले को अंजाम दिया। जिन RPSC सदस्यों के रिश्तेदारों की गिरफ्तारी हुई है, उन्हें बचाने की साजिश रची जा रही है। बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई का वादा झूठा साबित हुआ है।
किरोड़ीलाल मीणा पर तीखा तंज
बेनीवाल ने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के हालिया रुख पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, डॉ. साहब अक्सर मुद्दों को हाथ में लेते हैं, लेकिन उन्हें अंजाम तक नहीं पहुंचाते। हमारे धरने पर बिना बुलाए आ गए, लेकिन जब उन्हें जनआंदोलन की रैली में बुलाया गया तो पीछे हट गए। ये दर्शाता है कि उनका मकसद सिर्फ राजनीतिक लाभ लेना था, ना कि बेरोजगार युवाओं की लड़ाई को आगे बढ़ाना।
दिल्ली कूच और रेलवे ट्रैक जाम की चेतावनी
धरने के दौरान बेनीवाल ने एलान किया कि अगर SI भर्ती रद्द नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो RLP आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने चेतावनी दी, हम दिल्ली कूच करेंगे, रेलवे ट्रैक जाम करेंगे, लेकिन अब पीछे नहीं हटेंगे। ये युवाओं की लड़ाई है और हम आखिरी दम तक लड़ेंगे।
RPSC के पुनर्गठन की उठी मांग
बेनीवाल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पुनर्गठन की मांग को दोहराते हुए कहा कि आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मुख्य आरोपियों के खिलाफ मजबूत पैरवी नहीं कर रही।
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