Rajasthan Politics Ravindra Singh Bhati: राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS आरक्षण व्यवस्था में सरलीकरण और व्यावहारिक बदलाव की मांग को लेकर जन-संवाद यात्रा शुरू की है। बाड़मेर से शुरू हुई यह यात्रा पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न इलाकों से होकर आगे बढ़ेगी। भाटी इस अभियान के जरिए EWS प्रमाण-पत्र, पात्रता के नियम, प्रतियोगी परीक्षाओं में छूट और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।

EWS नियमों में बदलाव की मांग

रविंद्र सिंह भाटी का कहना है कि मौजूदा EWS व्यवस्था में कई ऐसी प्रक्रियाएं हैं, जिन्हें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आसान बनाने की जरूरत है। उन्होंने EWS पात्रता तय करने में केवल जमीन के आकार के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और जमीन की वास्तविक आर्थिक उपयोगिता को भी ध्यान में रखने की मांग की है।

भाटी ने EWS प्रमाण-पत्र की वैधता बढ़ाने की मांग भी उठाई है। उनका प्रस्ताव है कि हर साल प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया से राहत देते हुए इसकी वैधता तीन से पांच वर्ष तक की जाए।

केंद्र की सेवाओं में राज्य के EWS प्रमाण-पत्र की मान्यता

भाटी की प्रमुख मांगों में राजस्थान सरकार की ओर से जारी EWS प्रमाण-पत्र को केंद्र सरकार की सेवाओं और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में मान्यता देने की मांग भी शामिल है।

इसके अलावा उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में EWS अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा और आवेदन शुल्क में उचित छूट की मांग रखी है। उनका कहना है कि केवल आरक्षण का प्रावधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सामने आने वाली दूसरी व्यावहारिक अड़चनों को भी दूर किया जाना चाहिए।

विवाहित महिलाओं के दस्तावेजों की प्रक्रिया आसान करने की मांग

भाटी ने विवाहित महिला अभ्यर्थियों के EWS प्रमाण-पत्र और आय से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की मांग की है। इस मामले में मायके और ससुराल से जुड़े दस्तावेजों को लेकर होने वाली दिक्कतों के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक नियम बनाने की बात कही गई है।

उन्होंने EWS विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और छात्रावास जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पंचायती राज संस्थाओं में EWS वर्ग के प्रतिनिधित्व का प्रावधान करने की मांग भी उठाई है।

75 से ज्यादा विधायकों के समर्थन का दावा

भाटी ने अपने अभियान के दौरान दावा किया है कि EWS सरलीकरण के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के 75 से अधिक विधायक लिखित रूप से समर्थन दे चुके हैं। उनके अनुसार विधायकों ने मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजकर राजस्थान विधानसभा से EWS सरलीकरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है।

जसोल धाम में पूजा के बाद शुरू की यात्रा

जन-संवाद यात्रा शुरू करने से पहले रविंद्र सिंह भाटी ने जसोल धाम पहुंचकर मां माजीसा राणी भटियाणी सा के दरबार में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने बाड़मेर से यात्रा की शुरुआत की।

यात्रा के दौरान EWS व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद किया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अभियान पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों तक ले जाने की योजना है।

पंचायती राज चुनावों से पहले उठाया मुद्दा

राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की प्रक्रिया को लेकर तैयारियां चल रही हैं। चुनाव कार्यक्रम से पहले आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया 23 और 24 सितंबर को पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे समय में भाटी की EWS सरलीकरण यात्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

भाटी की यात्रा का मुख्य फोकस EWS व्यवस्था में नियमों को सरल बनाने, प्रमाण-पत्र प्रक्रिया को आसान करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों में व्यावहारिक राहत दिलाने की मांग पर है।

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