बीकानेर | राजस्थान के बीकानेर में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जयपुर से बीकानेर जा रही ‘मिलन ट्रेवल्स’ की एक स्लीपर बस नेशनल हाईवे पर चारे से भरे ट्रक से जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते बस और ट्रक दोनों आग के गोले में तब्दील हो गए. गनीमत रही कि समय रहते बस के इमरजेंसी गेट से सभी 40 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

धुंध के कारण हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार सुबह करीब 5:15 बजे सेसोमू स्कूल के पास हुआ. बताया जा रहा है कि मंगलवार रात 11 बजे बस जयपुर से रवाना हुई थी. सुबह हाईवे पर घने कोहरे और धुंध के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी. इसी दौरान आगे चल रहा चारे (तूड़ी) से भरा एक ट्रक, जो पहले ही किसी अन्य वाहन से टकराकर खड़ा था, उससे यह स्लीपर बस पीछे से टकरा गई.

इमरजेंसी गेट ने बचाई यात्रियों की जान
टक्कर लगते ही ट्रक में भरे चारे ने आग पकड़ ली और कुछ ही पलों में आग बस तक फैल गई. यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन बस नई होने के कारण उसमें बड़ा इमरजेंसी गेट लगा हुआ था. हेड कॉन्स्टेबल बलवीर सिंह काजला ने बताया कि यात्रियों को दो इमरजेंसी गेट और मुख्य दरवाजे से तुरंत बाहर निकाला गया, जिससे एक बड़ा नरसंहार टल गया. हालांकि, यात्रियों का सारा सामान जलकर राख हो गया है.

दो घंटे तक हाईवे रहा जाम
हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और करीब दो घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह बाधित रहा. फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. हादसे में बस पूरी तरह जलकर कबाड़ हो गई है.
ड्राइवर की हालत गंभीर: इस दुर्घटना में बस ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर कर दिया गया है. अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं.
जैसलमेर हादसे के बाद बरती गई सख्ती का दिखा असर
गौरतलब है कि जैसलमेर में हुए पिछले हादसों के बाद प्रशासन ने बसों में इमरजेंसी गेट अनिवार्य किए थे. यह बस नई थी और इसमें सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, यही वजह रही कि 40 जिंदगियां मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आईं.
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