Rajasthan SIR Controversy: राजस्थान में रविवार को SIR विवाद को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

इसके कुछ ही देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। यह विवाद चुनाव आयोग की 26 सितंबर की उस सफाई के बाद और तेज हुआ है, जिसमें आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही थी।

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विपक्षी दल चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर SIR को लेकर गलत नैरेटिव तैयार करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं, वे अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच काम करने और अपनी राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान देने की नसीहत दी।

भजनलाल शर्मा ने 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान का भी हवाला दिया। आयोग ने कहा था कि SIR से जुड़े फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।

गहलोत का पलटवार, CEC के इस्तीफे की मांग

मुख्यमंत्री के बयान के बाद अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने चुनाव आयोग के भीतर उठ रहे सवालों को गंभीर बताते हुए इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने CEC से इस्तीफा देने या पद से हटाए जाने की मांग की। गहलोत ने यह भी कहा कि विपक्ष लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है।

गहलोत की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग के हालिया बयान पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आयोग की सफाई को अपर्याप्त बताते हुए SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल दोहराए हैं।

चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को क्या कहा था?

SIR को लेकर उठे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को बैठक की थी। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी मौजूद थे। आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग की किसी नीतिगत या IT संबंधी व्यवस्था को लेकर नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।

आयोग ने SIR के दौरान नोटिस पाने वाले कुछ मतदाताओं के लिए प्रक्रिया में बदलाव की भी जानकारी दी। ऐसे मामलों में BLO घर जाकर दस्तावेज जुटा सकेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। इससे संबंधित लोगों को सामान्य परिस्थितियों में ERO या AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी।

राजस्थान में बढ़ी सियासी हलचल

SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के सवाल और BJP का पलटवार अब राजस्थान की राजनीति में भी प्रमुख मुद्दा बन गया है। एक तरफ BJP चुनाव आयोग के फैसलों को सर्वसम्मत बताते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपने सवाल उठा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR और चुनाव आयोग को लेकर राजस्थान में BJP-कांग्रेस के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।