Rajasthan Youth Budget 2027-28: राजस्थान सरकार ने वर्ष 2027-28 के लिए प्रदेश का पहला यूथ बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर युवाओं से शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और युवा कल्याण से जुड़े सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसी कवायद के बीच युवाओं की डिजिटल प्रोफाइल और प्रतियोगी परीक्षाओं की निगरानी के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था को लेकर सुझाव सामने आए हैं।

यूथ बजट के लिए सीधे युवाओं से मांगे जा रहे सुझाव

राजस्थान वित्त विभाग ने युवाओं के सर्वांगीण विकास, रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और युवा कल्याण से जुड़े सुझाव आमंत्रित किए हैं। विभाग के पोर्टल पर युवा हिंदी या अंग्रेजी में अपने सुझाव भेज सकते हैं। सरकार की इस कवायद में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार को प्रमुख क्षेत्रों के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ट्रैकर का सुझाव

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के लिए अहम मुद्दा रही हैं। ऐसे में यूथ बजट के सुझावों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनियमितताओं की निगरानी के लिए ट्रैकर सिस्टम का सुझाव भी सामने आया है। युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले एडवोकेट विवेक शर्मा का कहना है कि पहली बार युवाओं के लिए अलग बजट लाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए युवाओं से सुझाव मांगे गए हैं। हालांकि, ट्रैकर को अभी लागू हो चुकी नई व्यवस्था के तौर पर नहीं देखा जा सकता। फिलहाल यह यूथ एजेंडे और बजट सुझावों से जुड़ी प्रस्तावित दिशा है।

आवेदन से भर्ती तक एक डिजिटल निगरानी व्यवस्था की संभावना

यदि भविष्य में ऐसी व्यवस्था विकसित होती है तो प्रतियोगी परीक्षा के अलग-अलग चरणों को एक डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा सकता है। इसमें आवेदन, परीक्षा, परिणाम, आपत्ति, दस्तावेज सत्यापन और भर्ती की प्रगति जैसे चरण शामिल हो सकते हैं। इससे अभ्यर्थी अपनी प्रक्रिया की स्थिति देख सकेगा। प्रशासन के स्तर पर भी अलग-अलग चरणों की निगरानी आसान हो सकती है।

विवेक शर्मा के अनुसार, राज्य बजट 2026-27 में प्रतियोगी परीक्षाओं के बेहतर आयोजन और पारदर्शिता के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी के गठन की घोषणा की गई थी।

पहले से मौजूद है स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल

राजस्थान में युवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यवस्था पहले से मौजूद है। स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल पर 15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए प्रोफाइल बनाने की सुविधा है। इसमें व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और सेवा प्राथमिकताओं जैसी जानकारियां दर्ज होती हैं। इस पोर्टल पर रोजगार, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, करियर काउंसलिंग, उद्यमिता और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है।

नई डिजिटल प्रोफाइल में क्या हो सकता है?

यूथ प्लान के तहत डिजिटल प्रोफाइल की अवधारणा को आगे बढ़ाया जाता है तो इसमें युवा की शैक्षणिक योग्यता, कौशल, रुचि, करियर प्राथमिकता और उपलब्ध अवसरों जैसी जानकारी को एक साथ जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य केवल युवाओं का डेटा तैयार करना नहीं होगा। विचार यह है कि उनकी जरूरत के हिसाब से शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार या अन्य अवसरों की जानकारी तक पहुंच आसान हो।

पढ़ाई से रोजगार तक एक ही डिजिटल सिस्टम का लक्ष्य

फिलहाल युवा छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, प्रशिक्षण और करियर से जुड़ी जानकारी के लिए अलग-अलग विभागों और वेबसाइटों पर निर्भर रहते हैं। भविष्य में डिजिटल प्रोफाइल और एकीकृत व्यवस्था विकसित होती है तो स्कूल से कॉलेज, कॉलेज से प्रतियोगी परीक्षा और फिर रोजगार तक की यात्रा में अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने की दिशा बन सकती है।

स्वामी विवेकानंद युवा पोर्टल भी युवाओं के लिए नौकरियों, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और उच्च शिक्षा जैसी सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था के रूप में काम कर रहा है।

रोजगार के साथ कौशल की जरूरत पर भी फोकस

नई व्यवस्था का एक संभावित इस्तेमाल रोजगार और कौशल के बीच बेहतर तालमेल बनाने में हो सकता है। मसलन, किसी युवा के पास तकनीकी प्रशिक्षण है लेकिन रोजगार नहीं है तो उसकी प्रोफाइल के आधार पर संबंधित क्षेत्र के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा बन सकती है। इसी तरह जिन क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की कमी है, वहां प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्राथमिकता तय करने में डेटा उपयोगी हो सकता है।

युवाओं की बड़ी आबादी पर सरकार का फोकस

राजस्थान में युवा वर्ग के लिए शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाएं और कौशल विकास बड़े मुद्दे हैं। ऐसे में 2027-28 का पहला यूथ बजट इन क्षेत्रों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने ला सकता है। वित्त विभाग ने इसके लिए अलग से यूथ बजट सुझाव का पोर्टल भी शुरू किया है और 28 सितंबर को यूथ बजट की गाइडलाइन जारी की गई है।

डिजिटल प्रोफाइल से ज्यादा जरूरी होगा उसका इस्तेमाल

डिजिटल प्रोफाइल तैयार करना इस पूरी कवायद का सिर्फ एक हिस्सा होगा। इसकी उपयोगिता इस बात से तय होगी कि इसमें दर्ज जानकारी का इस्तेमाल युवाओं को वास्तविक शिक्षा, प्रशिक्षण, परीक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में कितना किया जाता है। यानी चुनौती सिर्फ डेटा जुटाने की नहीं, बल्कि उस डेटा को युवाओं के लिए उपयोगी बनाने की होगी।

पहला यूथ बजट, युवाओं से सीधे सुझाव

राजस्थान सरकार का पहला यूथ बजट 2027-28 के लिए तैयार किया जा रहा है। वित्त विभाग के मुताबिक इसका उद्देश्य युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को बजट से जोड़ना है। इसके लिए युवाओं से सीधे सुझाव मांगे गए हैं।

आने वाले समय में इन सुझावों और सरकार की प्राथमिकताओं के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि यूथ बजट में डिजिटल प्रोफाइल, परीक्षा निगरानी, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के लिए किस तरह की व्यवस्था सामने आती है।

पढ़ें ये खबरें