Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के परिवार के टिकट को लेकर सियासी हलचल तेज है। उनके बेटे पराक्रम राठौड़ ने बुधवार को चूरू जिला परिषद के वार्ड 39 से नामांकन दाखिल किया, लेकिन भाजपा ने उनका टिकट होल्ड पर रख दिया। वहीं, उनकी पत्नी कनिका सिंह ने वार्ड 23 से नामांकन भरा है, लेकिन उन्हें भी पार्टी का सिंबल नहीं मिला। ऐसे में दोनों की चुनावी दावेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बेटे के टिकट पर अटका पेंच

पराक्रम राठौड़ ने चूरू जिला परिषद के वार्ड 39 से चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरा था। हालांकि, भाजपा ने उन्हें अपना आधिकारिक प्रत्याशी नहीं बनाया है। पार्टी सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि पराक्रम को भी आरसीए चुनाव की तरह नाम वापस लेने के लिए कहा गया है।

नामांकन वापस लेने की स्थिति में क्या फैसला होगा, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण इस मामले पर सबकी नजर है।

पत्नी कनिका सिंह ने भी भरा नामांकन

पराक्रम राठौड़ की पत्नी कनिका सिंह ने चूरू जिला परिषद के वार्ड 23 से नामांकन दाखिल किया है। उन्हें भी भाजपा का चुनाव चिह्न नहीं मिला है। कनिका मूल रूप से चूरू जिले के सरदारशहर क्षेत्र के हरपालसर गांव की रहने वाली हैं। वह हाल ही में राजस्थान फुटबॉल क्लब की स्थापना को लेकर भी चर्चा में रही थीं।

बेटे के टिकट पर राजेंद्र राठौड़ की नाराजगी की चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बैठक में राजेंद्र राठौड़ की नाराजगी सामने आने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने बेटे के टिकट को लेकर सवाल उठाए। बैठक में उन्होंने संगठन से यह भी पूछा कि आखिर उसे उनसे क्या दिक्कत है।

हालांकि, इस कथित नाराजगी को लेकर सामने आई जानकारी के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। पार्टी की ओर से टिकट के फैसले के पीछे की वजह की जानकारी नहीं दी गई है।

आरसीए चुनाव में भी वापस लिया था नामांकन

पराक्रम राठौड़ इससे पहले राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चर्चा में आए थे। सितंबर 2026 में उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन वापस ले लिया था।

उस समय पराक्रम ने कहा था कि वह चुनाव लड़ना चाहते थे और उन्हें 32 जिला संघों का समर्थन हासिल था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के खिलाफ जाना उनके संस्कारों में नहीं है। उन्होंने अपने पिता राजेंद्र राठौड़ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दिशा-निर्देश पर नामांकन वापस लिया था।

राजेंद्र राठौड़ ने क्या कहा था?

आरसीए चुनाव से नाम वापस लेने के मामले में राजेंद्र राठौड़ ने कहा था, ‘मैं कभी पार्टी लाइन क्रॉस करने वाला आदमी नहीं रहा।’ अब पंचायत चुनाव में बेटे और बहू के टिकट को लेकर बने हालात ने एक बार फिर राठौड़ परिवार की राजनीतिक स्थिति को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, भाजपा के फैसले के पीछे की वजह और नामांकन वापसी को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

पढ़ें ये खबरें