नालंदा। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान नालंदा जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। आगामी 15 नवंबर (रविवार) को राजगीर स्थित प्रसिद्ध जू सफारी और नेचर सफारी को पर्यटकों के लिए पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। इस विशेष दिन पर दोनों ही प्रमुख पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के प्रवेश, भौतिक या ऑनलाइन टिकटों की बिक्री और परिसर के भीतर भ्रमण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर लिया गया अहम निर्णय
नालंदा जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, छठ पर्व के मुख्य दिनों में राजगीर शहर और आसपास के धार्मिक क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहता है। इस दौरान विभिन्न छठ घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, सुगम यातायात संचालन सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था को संभाले रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।
राजगीर की जू सफारी और नेचर सफारी ऐसे पर्यटन केंद्र हैं जहां सामान्य दिनों में भी हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। छठ पूजा के मुख्य दिन इन स्थलों के खुले रहने से राजगीर की मुख्य सड़कों पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही का अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी आशंका थी। इसी संभावित जोखिम को टालने के लिए प्रशासन ने एक दिन के लिए दोनों सफारी परिसरों को बंद रखने का रणनीतिक निर्णय लिया है।
पर्यटकों से यात्रा योजना में बदलाव की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 15 नवंबर को सफारी परिसर के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति या सैलानी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बिहार के दूर-दराज के जिलों एवं अन्य राज्यों से राजगीर भ्रमण की योजना बना रहे पर्यटकों से विशेष अपील की गई है कि वे इस प्रशासनिक फैसले को ध्यान में रखते हुए ही अपने यात्रा कार्यक्रम का निर्धारण करें। प्रशासन के अनुसार, छठ पूजा का समापन होते ही अगले दिन से दोनों सफारी को सैलनियों के लिए अपनी पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पुनः खोल दिया जाएगा।

