Rajnath Singh Jaisalmer Visit: राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह 2 नवंबर 2026 की शाम करीब 5 बजे विशेष विमान से जैसलमेर पहुंचेंगे और सीधे आर्मी कैंट जाएंगे।

इसके अगले दिन 3 नवंबर को शहर के एक निजी होटल में संसदीय रक्षा समिति की बैठक प्रस्तावित है। बैठक के बाद रक्षा मंत्री दोपहर में विशेष विमान से दिल्ली रवाना होंगे। दौरे को देखते हुए पुलिस, जिला प्रशासन, सेना और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

3 नवंबर को होगी संसदीय रक्षा समिति की बैठक

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 3 नवंबर को जैसलमेर के एक निजी होटल में संसदीय रक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। संभावित प्रतिभागियों में सुप्रिया सुले, पवन खेड़ा और राघव चड्ढा के नामों की भी चर्चा है। इनके अलावा संसदीय रक्षा समिति के अन्य सदस्य, रक्षा मंत्रालय के अधिकारी और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, बैठक को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है। ऐसे में इसमें शामिल होने वाले सदस्यों की अंतिम सूची और बैठक का एजेंडा स्पष्ट होना बाकी है।

एयरपोर्ट से आर्मी कैंट तक सुरक्षा तैयारियां

रक्षा मंत्री के दौरे को देखते हुए जैसलमेर में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसपी अभिषेक शिवहरे के मुताबिक, जैसलमेर एयरपोर्ट, आर्मी कैंट और बैठक स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर लगातार चर्चा की जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस, सेना और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ तैयारियों में जुटी हैं। वीआईपी दौरे को देखते हुए सभी संबंधित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।

पिछले साल सेना कमांडर सम्मेलन में शामिल हुए थे राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इससे पहले 23 और 24 अक्टूबर 2025 को भी जैसलमेर आए थे। उस दौरान उन्होंने सेना कमांडर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और सुरक्षा स्थिति तथा सैन्य तैयारियों की समीक्षा की थी। उस सम्मेलन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सेना के वरिष्ठ कमांडर भी मौजूद थे। चर्चा में ग्रे जोन वॉरफेयर, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, आत्मनिर्भरता और नई सैन्य तकनीकों जैसे विषय शामिल थे। अपने पिछले दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने तनोट और लोंगेवाला के अग्रिम क्षेत्रों का भी दौरा किया था और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी।

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