रामगोपाल यादव ने भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर सवाल उठाए और कुमार विश्वास के राज्यसभा नहीं पहुंचने पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इंडिया गठबंधन, तीसरे प्रत्याशी और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी.

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने 6 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भाजपा के घोषित प्रत्याशियों, कुमार विश्वास, इंडिया गठबंधन, तीसरे प्रत्याशी और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर अपनी बात रखी.

रामगोपाल यादव ने कहा कि वह राज्यसभा के सबसे वरिष्ठ उम्मीदवार हैं और लंबे समय से सदन में हैं. नामांकन प्रक्रिया को लेकर उन्होंने बताया कि वह हमेशा तीसरा सेट अलग से जमा करते हैं और उनके लिए तीन का अंक शुभ है, साथ ही इसमें जरूरी एहतियात भी रहती है.

भाजपा प्रत्याशियों पर सवाल

भाजपा की ओर से घोषित आठ राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर रामगोपाल यादव ने कहा कि सूची में ज्यादातर चेहरे उनके लिए अनजाने हैं. उनके मुताबिक, सूची में ऐसा कोई मजबूत उम्मीदवार दिखाई नहीं देता जो राज्यसभा में प्रभावी तरीके से अपनी बात रख सके और जिसकी बात सदन में सुनी जाए.

उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण लोगों के नाम हटाए गए हैं और उनकी जगह ऐसे लोगों को अवसर दिया गया है जिन्हें वह हल्का उम्मीदवार मानते हैं.

कुमार विश्वास पर टिप्पणी

रामगोपाल यादव ने कुमार विश्वास का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वह राज्यसभा जाते तो सदन का माहौल बेहतर रहता. उन्होंने कहा कि इससे शेर और शायरी के साथ अच्छी बहस भी देखने को मिलती.

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कुमार विश्वास को राज्यसभा नहीं भेजा और शायद उनके परिश्रम में कुछ कमी रह गई. रामगोपाल यादव ने यह भी कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है और कुमार विश्वास सरकार बनाने में सहयोग करते हैं, तो पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजने में मदद कर सकती है.

403 सीटों पर नजर

सपा के तीसरे प्रत्याशी के सवाल पर रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव के बयान का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि पार्टी की नजर तीन पर नहीं, बल्कि 403 सीटों पर है.

रामगोपाल यादव के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना है. उन्होंने बताया कि उनके संपर्क में करीब 30 विधायक हैं, लेकिन पार्टी किसी से कोई प्रतिबद्धता नहीं करना चाहती, क्योंकि बाद में टिकट नहीं मिलने की स्थिति में वादाखिलाफी का आरोप लग सकता है.

उन्होंने कहा कि तीसरा प्रत्याशी उतरेगा या नहीं, यह 6 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक स्पष्ट हो जाएगा. साथ ही भाजपा को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि यदि भाजपा यह मान रही है कि समाजवादी पार्टी पीछे हट गई है तो यह उसकी गलतफहमी है.

रामगोपाल यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में भाजपा के आठवें प्रत्याशी को हराने की क्षमता है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास अपने आठवें प्रत्याशी को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है.

गठबंधन पर प्रतिक्रिया

इंडिया गठबंधन को लेकर रामगोपाल यादव ने कहा कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और लगातार मजबूत हो रहा है. इमरान मसूद के बयानों पर उन्होंने कहा कि उनके बयानों को महत्व नहीं दिया जाता.

उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में राहुल गांधी या अखिलेश यादव की ओर से कोई बयान आता है तो उन्हीं के बयानों को महत्व दिया जाता है.

राजभर पर निशाना

ओमप्रकाश राजभर की टिप्पणियों पर भी रामगोपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर मीडिया में बने रहने के लिए अनुचित टिप्पणियां करते रहते हैं.

रामगोपाल यादव ने कहा कि भाजपा में राजभर की कोई पूछ नहीं है और बाबा उन्हें पूछते नहीं हैं, इसलिए वह लगातार समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति की टिप्पणियों का जवाब देना जरूरी नहीं समझते.

मतदाता सूची पर सवाल

मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में जनता को भी शामिल होना चाहिए.

उनका दावा है कि देशभर में करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं. उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों को वोट देने का अधिकार देता है और यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाए तो उसका मतदान का अधिकार भी प्रभावित होता है.

रामगोपाल यादव ने कहा कि जिन मतदाता सूचियों के आधार पर अब तक चुनाव होते रहे और सरकारें बनती रहीं, उनमें अचानक लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि रातों-रात किसी व्यक्ति को यह कह दिया जाए कि वह देश का नागरिक नहीं है, तो यह गंभीर विषय है.

उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति दुनिया में कहीं नहीं होती और इसे लेकर जनता में नाराजगी है. रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च करना इंडिया गठबंधन के सांसदों का लोकतांत्रिक धर्म है.

उन्होंने मांग की कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके नाम दोबारा सूची में जोड़े जाएं और इस मुद्दे पर देश की जनता भी आवाज उठाए.

राज्यसभा चुनाव की स्थिति

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए 6 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तारीख है. समाजवादी पार्टी की ओर से प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है.

तीसरे प्रत्याशी को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर अखिलेश यादव ने फिलहाल विराम लगा दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी नजर तीन पर नहीं, बल्कि 403 सीटों पर है.

भाजपा की ओर से आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं. रामगोपाल यादव ने कहा कि उन्हें भाजपा के प्रत्याशियों के बारे में व्यक्तिगत रूप से कोई जानकारी नहीं है.

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्यसभा चुनाव की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी. यदि दोनों दलों के घोषित प्रत्याशियों के अनुसार ही नामांकन रहता है, तो सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बनती है.