Odisha Desk, पुरी: ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ मंदिर में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के सुगम तथा शांतिपूर्ण दर्शन के लिए श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मंदिर के उत्तरी द्वार (उत्तर द्वार) पर विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु बिना किसी बाधा के महाप्रभु के दर्शन कर सकेंगे।

श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरबिंद कुमार पाढ़ी के अनुसार, सभी भक्तों को व्यवस्थाबद्ध और सुचारू रूप से दर्शन कराना मंदिर प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तरी द्वार के गुमुटा से लेकर ‘कूर्म बेढ़ा’ तक रैंप और सुरक्षा रेलिंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

मंदिर प्रशासन द्वारा किए गए प्रमुख इंतजाम:

दर्शन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। ये स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को ‘नाटमंडप’ या ‘जगमोहन’ तक पहुंचाने में मदद करेंगे। ओडिशा के राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी और सेंट जॉन एम्बुलेंस के स्वयंसेवकों को शामिल करने पर चर्चा हुई। इसके लिए SJTA मुख्य प्रशासक ने पुरी के जिलाधिकारी सह जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर आवश्यक प्रशिक्षित वालंटियर्स उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

विशेष दर्शन सेवा को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की जा रही है। प्रारंभिक पायलट चरण के दौरान, रोजाना 50 दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक इस मोबाइल ऐप या ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण कराकर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, बुधवार को शुभ मुहूर्त में ऐतिहासिक श्रीगुंडिचा मंदिर को आम जनता और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। कोविड-19 महामारी के बाद से लंबे समय से बंद पड़े गुंडिचा मंदिर परिसर में मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से भक्तों के अनुशासित एवं सुगम दर्शन के लिए व्यापक सुरक्षा और बुनियादी प्रबंध किए गए हैं।

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