रांची: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा की रौनक चरम पर है। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते चौक-चौराहों और आकर्षक पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शाम होते ही लोग परिवार के साथ पूजा घूमने निकल रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चिकित्सा व्यवस्था की है। 17 से 20 अक्टूबर 2026 तक शहर के प्रमुख स्थानों पर चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और 108 एंबुलेंस तैनात रहेंगे, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
तीन प्रमुख स्थानों पर तीन पालियों में रहेंगे चिकित्सक
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अलबर्ट एक्का चौक, सदर थाना कोकर और नगर नियंत्रण कक्ष में चिकित्सा व्यवस्था की गई है। अलबर्ट एक्का चौक और सदर थाना कोकर में तीन पालियों में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। पूजा घूमने के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर यहां संपर्क कर चिकित्सा सहायता ली जा सकती है।
इसके अलावा, शहर के विभिन्न स्थानों पर शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक 108 एंबुलेंस उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है।
इन स्थानों पर मिलेगी 108 एंबुलेंस की सुविधा
दुर्गा पूजा के दौरान आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए इन स्थानों पर एंबुलेंस तैनात रहेंगी:
- रातू रोड
- सुजाता चौक
- तुपुदाना ओपी
- जगन्नाथपुर थाना
- वृंदावन कॉलोनी दुर्गा पूजा समिति
- चिरौंदी
- बरियातू रोड
समय: शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक।
जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर करें संपर्क
स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क नंबर जारी किए हैं।
अलबर्ट एक्का चौक
- सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक:
7870020393 - दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक:
9433020025 - रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक:
9507077227
सदर थाना, कोकर
- सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक:
7479632761 - दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक:
7004066935 - रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक:
9431338221
नगर नियंत्रण कक्ष
95042769957903188781
दवाओं और जरूरी उपकरणों के साथ तैयार रहेंगी मेडिकल टीमें
सिविल सर्जन ने सभी चिकित्सा दलों को जिला भंडार से आवश्यक दवाएं और उपकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही, सभी टीमों को निर्धारित स्थानों पर समय से पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी संभालने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से पूजा और मेले का आनंद ले सकें।

