जमशेदपुर। झारखंड की राजधानी रांची का ऑड्रे हाउस 18 से 20 दिसंबर तक तीन दिवसीय ‘मेरा टीवी फिल्म फेस्टिवल’ का गवाह बनेगा। महोत्सव देशभर के स्वतंत्र और युवा फिल्मकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध कराएगा। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक बदलाव और सकारात्मक संदेश देने वाली कहानियों को सामने लाना तथा नए फिल्मकारों को सिनेमा जगत के अनुभवी लोगों और दर्शकों से जोड़ना है।
AI सिनेमा और कैंपस फिल्म्स भी प्रतियोगिता का हिस्सा
बदलती तकनीक और सिनेमा के नए स्वरूप को ध्यान में रखते हुए इस बार फिल्म फेस्टिवल में पारंपरिक फीचर फिल्म, शॉर्ट फिल्म और म्यूजिक वीडियो के साथ ‘कैंपस फिल्म्स’ और ‘AI सिनेमा’ जैसी नई श्रेणियां भी शामिल की गई हैं।
आयोजन समिति के सदस्य सौरभ सुमन झा के अनुसार, कैंपस और AI सिनेमा को शामिल किए जाने से कॉलेज छात्रों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े रचनाकारों में खासा उत्साह है। मुख्यधारा से अलग प्रयोग करने वाले युवा फिल्मकारों के लिए यह महोत्सव अपनी पहचान बनाने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
विजेताओं को मिलेंगे 5 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार
फिल्मकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए इस बार विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को कुल 5 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली फिल्मों और उनके निर्देशकों को नकद पुरस्कार के साथ प्रतिष्ठित ट्रॉफी से भी सम्मानित किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि पुरस्कार युवा फिल्मकारों को आगे सिनेमा निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनके करियर में नए अवसरों के द्वार खोलने में मदद करेंगे।
15 नवंबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन एंट्री
फिल्मकार महोत्सव की आधिकारिक वेबसाइट www.meratvfilmfestival.com के माध्यम से अपनी फिल्मों की ऑनलाइन प्रविष्टि जमा कर सकते हैं। फिल्मों की एंट्री की अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित की गई है।फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 18 से 20 दिसंबर तक ऑड्रे हाउस, रांची में किया जाएगा।
स्क्रीनिंग के साथ सिनेमा पर होगा संवाद
तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान ऑड्रे हाउस में फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ सिनेमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद और चर्चा के सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। सिनेमा प्रेमियों, निर्देशकों और कलाकारों को एक-दूसरे से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।
इस दौरान निर्माता, निर्देशक, प्रोड्यूसर, अभिनेता, अभिनेत्री समेत फिल्म उद्योग से जुड़े लोग सिनेमा निर्माण की चुनौतियों और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। आयोजन का उद्देश्य रचनाकारों और दर्शकों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ नए फिल्मकारों को सिनेमा की दुनिया में आगे बढ़ने का मंच देना है।

