रांची। राजधानी रांची की एक युवती को विदेश में बेहतर नौकरी, भोजन और आवास दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के छोटा घाघरा की रहने वाली मोनिका कच्छप के दुबई में फंसे होने की बात सामने आई है। परिजनों ने एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और मोनिका को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है।
नौकरी का झांसा देकर 15 हजार रुपये लेने का आरोप
मोनिका की मां रतना कच्छप के अनुसार, उनकी बेटी की ऑनलाइन माध्यम से एएमडी ट्रेंड सॉल्यूशन एलएलसी की एजेंट प्रियंका से संपर्क हुआ था। आरोप है कि एजेंट ने विदेश में अच्छी नौकरी, भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।इसके बाद प्रियंका के कहने पर अलग-अलग माध्यमों से मोनिका से 15,000 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
शारजाह पहुंचते ही पासपोर्ट लेने का आरोप
परिवार के मुताबिक, मोनिका को 6 मई को शारजाह पहुंचाया गया। आरोप है कि एयरपोर्ट पर पहुंचते ही एजेंसी के ड्राइवर ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया।
इसके बाद उसे अजमान स्थित कार्यालय ले जाया गया, जहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नामक लोगों ने कथित तौर पर अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवाए।
मोबाइल छीनकर WhatsApp चैट डिलीट करने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि मोनिका का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया और उसके WhatsApp चैट डिलीट कर दिए गए। इसके बाद उस पर 12,600 दिरहम के कथित फर्जी लोन का आरोप लगाकर धमकी दी गई। परिवार के अनुसार, इस पूरी स्थिति के कारण मोनिका काफी डर गई थी और खुद को असहाय महसूस कर रही थी।
एक महीने तक घरों में काम कराने का आरोप
परिवार ने आरोप लगाया है कि मोनिका को बंधक जैसी स्थिति में रखकर करीब एक महीने तक अलग-अलग घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करने का काम कराया गया। बीमारी के बावजूद कथित तौर पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।जब मोनिका ने भारत लौटने की इच्छा जताई, तो आरोप है कि उससे इसके बदले मोटी रकम की मांग की गई।
परिवार ने पुलिस से लगाई सुरक्षित वापसी की गुहार
मोनिका के परिवार ने एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। परिवार ने पुलिस से प्रियंका, रितेश, मोहम्मद मेराज अंसारी और संबंधित कंपनी के प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
साथ ही परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मोनिका को दुबई से सकुशल भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी।

