रांची। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के बाद विकसित सिस्टम शनिवार सुबह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के पास पहुंच गया है और अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से रांची में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश का असर राजधानी के प्रमुख डैमों के जलस्तर पर भी पड़ा है।
चौथी बार खोला गया कांके डैम का फाटक
रुक्का-गेतलसूद डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार सुबह करीब 8 बजे दो फाटक 4-4 इंच तक खोल दिए गए। इसका उद्देश्य डैम पर पानी का दबाव कम करना और सुरक्षा बनाए रखना है।
वहीं, कांके डैम का एक फाटक 23 सितंबर से 4 इंच तक खुला था। बाद में इसे 2 इंच कर दिया गया था। पिछले एक दिन से जारी तेज बारिश के कारण शनिवार को इसे बढ़ाकर 6 इंच तक खोल दिया गया।
इस मानसूनी सीजन में कांके डैम का फाटक चौथी बार खोला गया है। कांके डैम के इंचार्ज नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जलस्तर 28 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद सुबह करीब 7 बजे से अधिक मात्रा में पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
हटिया डैम का जलस्तर 36 फीट के पार
धुर्वा स्थित हटिया डैम का जलस्तर भी 36 फीट के निशान को पार कर गया है। डैम की क्षमता 39 फीट है। हटिया डैम के जेई के मुताबिक, जलस्तर फिलहाल डैम की अधिकतम क्षमता के करीब है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और पानी के साथ कचरा बाहर निकलने के लिए स्क्रबर वाल्व पहले ही खोल दिया गया है। डैम के गेट की अधिकतम ऊंचाई 38 फीट है और फिलहाल पानी का स्तर गेट से नीचे है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
रुक्का-गेतलसूद डैम का जलस्तर 34.3 फीट
रुक्का-गेतलसूद डैम के सहायक अभियंता जॉन बोदरा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण 36 फीट क्षमता वाले डैम का जलस्तर 34.3 फीट पहुंच गया है। इसके बाद शनिवार को दो फाटक 4-4 इंच तक खोल दिए गए।
उन्होंने बताया कि इस मानसूनी सीजन में रुक्का-गेतलसूद डैम का फाटक तीसरी बार खोला गया है। यह डैम रांची के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और राजधानी के बड़े हिस्से में जलापूर्ति करता है। बताया जाता है कि रुक्का-गेतलसूद डैम से रांची की करीब आधी आबादी को पानी की आपूर्ति होती है।


