कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने यमुनानगर में सिंचाई विभाग की पटरी पर चल रहे अवैध खनन और ओवरलोडेड वाहनों को लेकर सरकार और प्रशासन को घेरा है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। यमुनानगर जिले में अवैध खनन को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता Randeep Singh Surjewala ने ताजेवाला-भूड़कलां क्षेत्र में सिंचाई विभाग की पटरी पर कथित तौर पर दौड़ रहे ओवरलोडेड वाहनों और अवैध खनन गतिविधियों को लेकर सरकार व प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी नहर की सुरक्षा के लिए बनी पटरी को ही खनन माफिया का रास्ता बना दिया गया है, तो यह प्रशासनिक विफलता ही नहीं बल्कि “मौन स्वीकृति” का संकेत भी माना जा सकता है।

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पश्चिमी यमुना नहर की पटरी, जिसका उपयोग सिंचाई विभाग की निगरानी और सुरक्षा के लिए होना चाहिए, वहां दिन-रात कथित तौर पर ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और डंपर गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना नंबर प्लेट और क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों से ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।

उन्होंने सरकार से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि यदि नियम आम लोगों पर सख्ती से लागू होते हैं, तो फिर कथित तौर पर खुलेआम चल रहे ओवरलोडेड वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क चल रहा है? सुरजेवाला ने यह भी पूछा कि ग्रामीणों की शिकायतों और सुरक्षा के बावजूद कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी।

सुरजेवाला ने मांग की कि सिंचाई विभाग की पटरी का कथित अवैध उपयोग तत्काल रोका जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों को “माफिया कॉरिडोर” बनने देना सुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।