Business Desk – RBI Fines Canara Bank : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केनरा बैंक पर 41.8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई बैंक द्वारा कुछ जरूरी बैंकिंग नियमों और KYC (नो योर कस्टमर) गाइडलाइंस का पालन सही तरीके से न करने पर की गई है.

RBI की जांच में यह सामने आया कि केनरा बैंक ने कई ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड तय समय सीमा के अंदर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) पर अपलोड नहीं किए. नियमों के मुताबिक, बैंकों को नए और पुराने सभी ग्राहकों का KYC डेटा समय पर इस केंद्रीय सिस्टम में अपडेट करना जरूरी होता है, ताकि बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे और धोखाधड़ी (फ्रॉड) को रोका जा सके. लेकिन केनरा बैंक इस तय समयसीमा का पालन करने में चूक गया.
चालू लेनदेन वाले खाते भी इनऑपरेटिव घोषित
दूसरा मामला ग्राहकों के खातों से जुड़ा है. RBI के नियमों के अनुसार, अगर किसी खाते में पिछले एक साल के भीतर कोई ट्रांजैक्शन हुआ है तो उसे एक्टिव (सक्रिय) माना जाता है. लेकिन जांच में पाया गया कि केनरा बैंक ने ऐसे कई खातों को भी इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) घोषित कर दिया, जिनमें एक साल की अवधि पूरी नहीं हुई थी. यह सीधे तौर पर RBI की गाइडलाइंस का उल्लंघन माना गया.
ISE 2025 ऑडिट में सामने आई गड़बड़ियां
RBI ने यह कार्रवाई सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन (ISE 2025) के तहत की है. इसके लिए बैंक की 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति और कामकाज की विस्तृत जांच की गई थी. जांच में कमियां मिलने के बाद RBI ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बैंक की तरफ से मिले जवाब और मौखिक प्रस्तुतियों (oral submissions) पर विचार करने के बाद यह जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया.
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
RBI ने साफ किया है कि यह जुर्माना केवल नियमों के पालन में हुई खामियों के कारण लगाया गया है. इसका बैंक के ग्राहकों या उनके पैसों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. केनरा बैंक के सामान्य कामकाज और ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.

