Business Desk : रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और Jio Platforms के सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे शुक्रवार, 30 अक्टूबर को जारी होंगे। दोनों कंपनियों के बोर्ड की बैठक आज होगी, जिसमें 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

इन नतीजों पर शेयर बाजार के निवेशकों की खास नजर है। इसकी बड़ी वजह Jio Platforms की हालिया स्टॉक मार्केट लिस्टिंग है। 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद यह पहली बार होगा, जब Jio Platforms अपने तिमाही वित्तीय नतीजे सार्वजनिक करेगी।

Jio के नतीजों पर क्यों रहेगी खास नजर?

Jio Platforms की लिस्टिंग के बाद ये पहले तिमाही नतीजे होंगे। ऐसे में निवेशकों को पहली बार कंपनी की कमाई, मुनाफे और कारोबार की स्थिति का विस्तृत ब्योरा मिलेगा। बाजार के जानकारों की नजर खास तौर पर कंपनी के रेवेन्यू, ARPU यानी हर ग्राहक से होने वाली औसत कमाई और नए सब्सक्राइबर्स की संख्या पर रहेगी।

ब्रोकरेज फर्म Nomura के अनुमान के मुताबिक, सितंबर तिमाही में Jio का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11% बढ़कर 40,400 करोड़ रुपए हो सकता है। वहीं, नेट प्रॉफिट 7,610 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। कंपनी का ARPU 219 रुपए प्रति महीने तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। ये ब्रोकरेज के अनुमान हैं, कंपनी के घोषित नतीजे नहीं।

Reliance के कारोबार पर भी रहेगी निवेशकों की नजर

Reliance Industries के नतीजों में निवेशक कंपनी के रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और ऑयल-गैस कारोबार के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे। खास तौर पर Oil to Chemicals (O2C) बिजनेस की कमाई और मार्जिन अहम रहेंगे। इसके अलावा Jio के डिजिटल कारोबार और रिटेल बिजनेस की ग्रोथ भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

जून तिमाही में Reliance का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 25% बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपए रहा था। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट 22.4% घटकर 20,946 करोड़ रुपए पर आ गया था। ऐसे में सितंबर तिमाही के नतीजों से कंपनी की कमाई और मुनाफे की स्थिति साफ होगी।

NCD जारी करके फंड जुटाने पर भी विचार करेगा बोर्ड

तिमाही नतीजों के साथ Reliance Industries का बोर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करके फंड जुटाने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा। कंपनी प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए एक या अधिक चरणों में ये डिबेंचर जारी करने पर विचार कर सकती है। बोर्ड की बैठक के बाद कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा के लिए एनालिस्ट मीट भी होगी।