सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें छात्रा आकृति चौधरी को NSA के तहत हिरासत में लिए जाने के मामले में 5 लाख रुपये मुआवजा नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम की सैलरी से देने का निर्देश दिया गया था. नोएडा मजदूर प्रदर्शन मामले में डीयू की छात्रा आकृति चौधरी के खिलाफ NSA लगाने को लेकर डीएम मेधा रूपम की हाई कोर्ट में जमकर किरकिरी हुई थी.

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी मेधा रूपम की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जिलाधिकारी मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से उच्च न्यायालय के 2 सितंबर के फैसले के खिलाफ अपील की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा मजदूरों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में नोएडा डीएम मेधा रूपम को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 5 लाख रुपये मुआवजा नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम की सैलरी से देने का निर्देश दिया गया था.

यह मामला नोएडा में मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान DU की छात्रा आकृति चौधरी के खिलाफ NSA लगाने से जुड़ा है. नोएडा प्रशासन आकृति चौधरी के खिलाफ NSA को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं पेश कर पाया था. इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नोएडा डीएम मेधा रूपम के खिलाफ आदेश जारी करते हुए उनकी सैलरी से 5 लाख रुपए का मुआवजे देने का आदेश दिया था. साथ ही साथ हाई कोर्ट ने आकृति चौधरी के खिलाफ NSA को भी रद्द कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए फिलहाल हाई कोर्ट के फैसले पर पैराग्राफ 27 से 33 के संचालन पर अंतरिम रोक जारी रखने का आदेश दिया है. बुधवार को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई की. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. सुप्रीम कोर्ट अब 7 अक्टूबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा.

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