ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से डेढ़ करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने महिला को काले धन के नाम पर डराया और 37 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किया। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, मीनाक्षी नाखरे नाम की महिला स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ थीं जो अब सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उन्हें साइबर ठग ने फर्जी IPS, CBI और RBI अफसर बनकर संपर्क किया। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग दिल्ली का अधिकारी अशोक गुप्ता बताया। उसने कहा कि एक मोबाइल नंबर उनके नाम पर चल रहा है और उसका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हो रहा है।
खाते में काला धन कहकर डराया
जालसाजों ने उन्हें कहा कि उनके खाते में 6 करोड़ से ज्यादा की रकम काला धन है और उनकी गिरफ्तारी होने वाली है। यह सुनते ही महिला घबरा गई और उनके जाल में फंस गई। बदमाशों ने 69 साल की रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से 1 करोड़ 58 लाख 90 हजार रुपए मांगे।
पीड़िता के मुताबिक, बदमाशों ने 10 मई को पहला कॉल किया था। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल 37 दिन तक चला। 26 मई से 10 जून के बीच किस्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई। वीडियो कॉल पर दिल्ली पुलिस मुख्यालय जैसा फर्जी सेटअप दिखाया गया। उसने खुद को आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया। उसने दावा किया कि ICICI बैंक के मैनेजर संदीप कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से मीनाक्षी नाखरे के नाम की फर्जी पासबुक मिली है।
चार राज्यों के चार अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई रकम
महिला की भेजी रकम चार अलग-अलग राज्यों के खाते में ट्रांसफर की गई थी। 26 मई को केरल के खाते में 60 लाख रुपये ट्रांसफर कराई गई। 3 जून को कोलकाता के खाते में 40 लाख 90 हजार रुपये भेजे। गए 5 जून को रायपुर के खाते में RTGS से 37 लाख 50 हज़ार रुपये ट्रांसफर हुआ।
10 जून को नासिक के खाते में 19 लाख 50 हजार रुपये भेजे गए। 11 जून को NOC देने का भरोसा दिया गया था। 16 जून के बाद ठगों के सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए। पीड़िता को खुद के साथ हुए फ्रॉड की आशंका हुई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने क्राइम ब्रांच में पूरे मामले की शिकायत की।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

