आशुतोष द्विवेदी, रीवा। जिले के रोझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन की समझाइश के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग हैं। शुक्रवार, 15 अक्टूबर को कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी प्रस्तावित परियोजना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। लेकिन बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने विकास के दावों के साथ-साथ परियोजना से जुड़े संभावित खतरों पर भी जवाब मांगा।

कलेक्टर के सामने ग्रामीणों के तीखे सवाल

परियोजना के फायदे गिनाने और ग्रामीणों को समझाने के प्रशासनिक प्रयास के बीच ग्रामीणों ने सवाल उठाया-  “आप फायदे गिनाने आए हैं या नुकसान भी बताएंगे?” ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी सेहत, सुरक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

रेडिएशन, स्वास्थ्य और विस्थापन को लेकर चिंता

रोझौही और आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रस्तावित परमाणु संयंत्र को लेकर संभावित रेडिएशन, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव, पर्यावरणीय सुरक्षा और विस्थापन की आशंकाएं जाहिर कीं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इन सवालों पर स्पष्ट जानकारी और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे।

ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र में न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि जनता की सहमति, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

‘जनता की भावनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं’

संवाद के दौरान प्रशासन की ओर से शासन की परियोजना और उसे आगे बढ़ाने की बात रखे जाने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। उनका कहना है कि किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले स्थानीय लोगों की चिंताओं को सुनना और उनका समाधान करना जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी भावनाओं और जनमत का सम्मान किया जाए।

बोरहोल स्टडी का भी विरोध जारी

रोझौही में विरोध केवल न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना तक सीमित नहीं है। ग्रामीण प्रस्तावित परियोजना से जुड़ी शुरुआती प्रक्रिया, यानी बोरहोल स्टडी का भी लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वे परियोजना के ही खिलाफ हैं, तो उससे संबंधित शुरुआती गतिविधियों को भी आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बोरहोल स्टडी पर रोक लगाई जाए और प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को रोझौही से अन्यत्र स्थानांतरित करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।

मौके पर मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी

कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सिरमौर सृष्टि जायसवाल, तहसीलदार बिंदु तिवारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

फिलहाल, रोझौही में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मतभेद बरकरार हैं। ग्रामीण अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की आशंकाओं का समाधान किस तरह करता है और परियोजना को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m