धनेश विद्यार्थी.रेवाड़ी/नूंह | हरियाणा में एलसीएलओ कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पिछले करीब सात महीनों से कुरुक्षेत्र के पीपली में धरने पर बैठे कर्मचारियों का अब सब्र टूटता नजर आ रहा है। एलसीएलओ कर्मचारी यूनियन ने आंदोलन तेज करने का ऐलान करते हुए 1 मई (मजदूर दिवस) को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी दी है।

यूनियन के राज्य प्रधान पवन डागर (पलवल) ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के एलसीएलओ कर्मचारी 1 मई को बड़ी संख्या में कुरुक्षेत्र पहुंचकर मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो करीब 4 हजार एलसीएलओ कर्मचारी, उनके परिवार और रिश्तेदार आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे और मतदान से दूरी बनाएंगे।

राज्य मीडिया प्रभारी प्रकाश बघेल (नूंह) ने बताया कि विवाद की जड़ पदनाम और वेतन को लेकर है। क्रीड (CRID) के तहत सीपीएलओ पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन चयन के बाद आधे अभ्यर्थियों को सीपीएलओ नियुक्त किया गया, जबकि बाकी को एलसीएलओ बना दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि एलसीएलओ कर्मचारियों को पिछले 18 महीनों से न तो कोई काम दिया गया है और न ही वेतन, जबकि सीपीएलओ को मात्र 6 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, क्रीड विभाग के एसीएस, पंचायत मंत्री और अन्य अधिकारियों से कई बार मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।

पवन डागर ने कहा कि “हमारा शोषण चरम पर है। भर्ती सीपीएलओ के नाम पर निकाली गई और हमें बिना काम और वेतन के एलसीएलओ बनाकर अधर में छोड़ दिया गया। जब तक हमें सीपीएलओ के समान पद और वेतन नहीं मिलता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

यूनियन ने यह भी साफ किया कि सीटू और सर्व कर्मचारी संघ के साथ मिलकर बड़ा संयुक्त आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।इस दौरान जिला प्रधान मोहम्मद मौसिम, उप प्रधान जुनैद, सचिव मोहित कुमार, राकेश बघेल, नरेश, मनोज कुमार, सतीश, एडवोकेट विपिन, मोहम्मद इरशाद, इकबाल, मुबारिक, लोकेश और अमजद समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।