Rewari School Water Samples Failed : रेवाड़ी। हरियाणा में नौनिहालों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई एक संयुक्त जांच में रेवाड़ी जिले के 90 सरकारी स्कूलों के पानी के सैंपल फेल हो गए हैं, जिससे पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन स्कूलों में बच्चों को पिलाया जा रहा पानी पीने के निर्धारित मानकों पर बिल्कुल भी खरा नहीं उतरा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कहीं पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं, तो कहीं टीडीएस (TDS) की मात्रा तय सीमा से बहुत ज्यादा मिली है। ऐसा दूषित पानी पीने से बच्चों में पेट की बीमारियां, उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

बावल, रेवाड़ी और नाहड़ खंड में स्थिति सबसे खराब

इस रिपोर्ट में सामने आया है कि जिले के बावल, रेवाड़ी और नाहड़ खंड के स्कूलों में पेयजल की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। जिले भर में संचालित 638 सरकारी स्कूलों में यह विशेष जांच अभियान अगस्त और सितंबर के महीने में चलाया गया था। इसके तहत स्कूल के प्राचार्यों और मुखियों की देखरेख में हैंडपंप, बोरवेल और सरकारी नलों से पानी के सैंपल लेकर जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट अब सामने आई है।

हैंडपंप और बोरवेल का पानी पीने को मजबूर बच्चे

जांच में यह भी पता चला है कि इन स्कूलों में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीधे वाटर सप्लाई की कमी है, जिसके चलते बच्चे मजबूरी में हैंडपंप और बोरवेल का असुरक्षित पानी पी रहे हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कड़ा संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों को इन सभी प्रभावित स्कूलों में दोबारा पानी के सैंपल लेकर जांच करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि समस्या को जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।

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