Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के पदभार ग्रहण करने से पूर्व सामने आए एक कथित बयान को लेकर राज्य में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल ने बुधवार को नवनियुक्त राज्यपाल की उन खबरों और बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें उन्होंने पद संभालने के बाद ‘बीजेपी (BJP) को मजबूत करने के लिए काम करने’ की बात कही थी। बीजेडी ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
बीजेडी ने एक समाचार एजेंसी द्वारा प्रसारित वीडियो क्लिप का हवाला देते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें ब्रज मोहन राम कथित तौर पर राज्यपाल के रूप में अपनी आगामी योजनाओं के बारे में बोलते हुए सुने जा सकते हैं।
बीजू जनता दल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “एक समाचार एजेंसी के वीडियो में उनका यह बयान सुनकर हम स्तब्ध हैं, जिसमें वे बार-बार दोहरा रहे हैं कि वे बीजेपी को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं, क्योंकि यह इस सर्वमान्य तथ्य को नकारती है कि राज्यपाल का पद दलगत राजनीति से पूरी तरह ऊपर होता है।”
पार्टी के मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने भी इस कथित टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए इसे एक राज्यपाल के गरिमामय पद के सर्वथा अयोग्य और अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और उन्हें निष्पक्ष रहकर संविधान की मर्यादा का पालन करना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल के विस्तार या मजबूती के लिए काम करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और तीन बार के पूर्व बीजेपी सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया था। वे वर्तमान राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भमपति का स्थान लेंगे।
झारखंड से संबंध रखने वाले वरिष्ठ नेता ब्रज मोहन राम की नियुक्ति के तुरंत बाद ही उनके इस कथित बयान ने ओडिशा की राजनीति में गरमाहट ला दी है। बीजेडी ने मांग की है कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को अपनी राजनीतिक संबद्धता छोड़कर तटस्थता और संविधान की मर्यादा का पालन करना चाहिए।
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