कुंदन कुमार, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी कुंदन कृष्णन के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसद ने कहा कि लोक सेवा आयोग से चुने गए अधिकारियों के भ्रष्टाचार को रोकना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, लेकिन कुछ उदंड अधिकारी नियमों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर आवाज उठाई, तो उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई।
करोड़ों की अघोषित संपत्ति का खुलासा
सुधाकर सिंह ने दावा किया कि कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी द्वारा घोषित संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग 87 करोड़ है, जबकि उनके पास कई अघोषित संपत्तियां भी मौजूद हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कुंदन कृष्णन को माता-पिता से 38 करोड़ की पैतृक संपत्ति मिली है, जो खुद में हैरान करने वाली है। इसके अलावा कैमूर जिले में 16 एकड़ 88 डेसिमल जमीन, जिसकी बाजार में कीमत 2 करोड़ है, उसे सरकारी कागजों में महज 17 लाख दिखाया गया है। उनके पास 3.5 करोड़ कैश, बैंक बैलेंस, सोना-चांदी और शेयर बाजार में निवेश भी है।
जमीन छुपाने और साठगांठ के आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी ने नालंदा, पटना के माल सलामी में 10 कट्ठा और ट्रांसपोर्ट नगर में 4.5 कट्ठा जमीन की जानकारी छुपाई है। उन्होंने दावा किया कि पूरी नौकरी में अधिकारी को कुल 5 करोड़ मिले, जिसमें से कानूनन खर्च के बाद सिर्फ 3 करोड़ बचने चाहिए थे। इसके अलावा जहां-जहां कुंदन कृष्णन ने जमीन खरीदी, ठीक वहीं बिट्टू सिंह नामक व्यक्ति ने भी संपत्तियां लीं। सुधाकर सिंह के अनुसार 2005 से 2008 के बीच पटना के एसएसपी रहते हुए उन्होंने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। उनके पास शेयर मार्केट में 36 लाख के शेयर और 850 ग्राम सोने के अलावा हीरा और पुखराज भी हैं, जिनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
लोकायुक्त बहाली के लिए जाएंगे हाईकोर्ट
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर पुलिस का पहरा बैठा कर उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे किसी से डरने वाले नहीं हैं। बिहार में पिछले 3 वर्षों से लोकायुक्त पद खाली होने पर चिंता जताते हुए सांसद ने कहा कि वे इसकी बहाली और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

