अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। जिले के दरीहट थाना क्षेत्र स्थित अर्जुन बिगहा प्राथमिक विद्यालय में व्याप्त कथित अव्यवस्था और प्रधानाध्यापक की डिग्री पर उठे सवालों ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षकों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग से जांच की मांग की है। वहीं, शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
25 सालों से एक ही विद्यालय में पदस्थापित हैं सभी शिक्षक
ग्रामीणों का आरोप है कि दरीहट के अर्जुन बिगहा स्थित प्राथमिक विद्यालय में वर्षों से शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय के प्रधानाध्यापक से लेकर सभी शिक्षक गांव के ही निवासी हैं और पिछले 20 से 25 वर्षों से एक ही विद्यालय में पदस्थापित हैं। लगातार एक ही जगह पर रहने के कारण शिक्षक मनमानी करते हैं, जिससे पठन-पाठन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
‘प्रधानाध्यापक के पास मैट्रिक की भी डिग्री नहीं’
गांव निवासी जय प्रकाश सिंह ने शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने आरोप लगाय है कि प्रधानाध्यापक कृष्णकांत सिंह की डिग्री फर्जी है। आरोप है कि वे मैट्रिक भी पास नहीं है। अनुकंपा के आधार पर लगभग 20 साल पहले उन्हें अपने पिता की जगह पर नौकरी मिल गई थी और वह किसी संस्कृत बोर्ड के डिग्री पर वर्ष 2007 से यहां एक ही विद्यालय में टिके हुए हैं। यही नहीं आरोप है कि विद्यालय के लगभग सभी शिक्षक अर्जुन बिगहा गांव के ही है, जिस कारण गांव के लोग शिकायत करने से भी बचते हैं। चुकी शिक्षा विभाग के अधिकारी ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है।
प्रधानाध्यापक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, दूसरी और प्राथमिक विद्यालय अर्जुन बिगहा के प्रधानाध्यापक कृष्णकांत सिंह इस तमाम आरोपियों का खंडन करते हैं। उनका कहना हैं कि उनकी डिग्री संबंधित सभी कागजात शिक्षा विभाग के कार्यालय में जमा हैं और पिछले 19 सालों से एक ही विद्यालय में स्थापित है, ये सभी आरोप बेबुनियाद है। बता दें कि जिनके पूर्वजों ने गांव में स्कूल के लिए जमीन दान दी थी, उन लोगों की भी शिकायत है कि विद्यालय में पठन-पाठन सही तरीके से नहीं हो रही है।
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