बराड़ा। विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब बराड़ा ने सराहनीय पहल की है। क्लब की ओर से राजकीय प्राथमिक पाठशाला सरकपुर के 46 विद्यार्थियों को नोटबुक और स्टेशनरी वितरित की गई। कार्यक्रम में बराड़ा के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जगदीश मेहरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते हुए इस सामाजिक पहल की प्रशंसा की।

रोटरी क्लब बराड़ा के प्रधान बलकार सिंह कंबोज की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी को छह-छह नोटबुक और आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध करवाई गई। स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए क्लब से नोटबुक उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया था। इस पर क्लब ने सकारात्मक पहल करते हुए बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री वितरित की।

शिक्षा के लिए संसाधन उपलब्ध करवाना सराहनीय कदम : बीईओ

कार्यक्रम में बीईओ जगदीश मेहरा ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाना सराहनीय सामाजिक कार्य है। नोटबुक और स्टेशनरी मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद मिलेगी और उनका उत्साह भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने वाली सामाजिक संस्थाएं समाज के विकास और बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि रोटरी क्लब बराड़ा की यह पहल अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता के लिए प्रेरित करेगी।

संसाधनों की कमी से पढ़ाई प्रभावित न हो : बलकार सिंह कंबोज

रोटरी क्लब बराड़ा के प्रधान बलकार सिंह कंबोज ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना क्लब के सेवा कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्लब का प्रयास है कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा न आए। इसी उद्देश्य से राजकीय प्राथमिक पाठशाला सरकपुर के 46 विद्यार्थियों को नोटबुक और स्टेशनरी प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि क्लब भविष्य में भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए शिक्षा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाएं चलाता रहेगा, ताकि बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर स्कूल अध्यापक रजनी बाला और रेखा रानी सहित रोटरी क्लब के उपप्रधान पूर्ण छाबड़ा, कोषाध्यक्ष दिलप्रीत सिंह, सचिव साहिल वर्मा, राजकुमार सांगवान और क्लब के अन्य सदस्य मौजूद रहे।