गिरिडीह। दुर्गा पूजा के समापन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुरुवार रात जमकर बवाल हो गया। हिरोडीह थाना क्षेत्र के मानिकबाद में भोजपुरी कलाकार रौशन रोही और निशा दुबे के कार्यक्रम के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। पहले युवकों के दो गुटों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की हुई, इसके बाद पथराव शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठियां भांजनी पड़ीं।

बैरिकेडिंग तोड़कर मंच पर चढ़े लोग

जानकारी के अनुसार, मानिकबाद में रौशन रोही और निशा दुबे के कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। कलाकारों को करीब से देखने के लिए लोगों में आगे जाने की होड़ मच गई। इसी दौरान कुछ युवकों के बीच पहले गाली-गलौज हुई और फिर मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। देखते ही देखते युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए और पूरे कार्यक्रम परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

हंगामे के बीच भीड़ ने सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद 100 से अधिक लोग मंच पर चढ़ गए। स्थिति बिगड़ती देख कलाकारों ने भी असुरक्षित महसूस किया। इसी दौरान कुछ लोगों ने अचानक मंच की ओर पथराव शुरू कर दिया।

पथराव में पुलिसकर्मी और कलाकार घायल

पथराव में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कलाकारों को भी मामूली चोट लगने की बात कही जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अनियंत्रित भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में आयोजकों ने कार्यक्रम बंद कर दिया।

पथराव और मारपीट के कारण मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस के अनुसार घटना में किसी आम व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

SDPO बोले- भीड़ बेकाबू होने के बाद बंद करना पड़ा कार्यक्रम

खोरी महुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मानिकबाद में रौशन रोही और निशा दुबे का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और 100 से अधिक लोग मंच पर चढ़ गए। कलाकारों ने खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसी बीच मंच की ओर पथराव किया गया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए और कलाकारों को भी मामूली चोट लगी।

उन्होंने बताया कि अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी और लोगों को मौके से खदेड़ा गया। इसके बाद आयोजकों ने कार्यक्रम बंद कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।