Sachin Pilot on Agniveer Scheme: अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। गुरुवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पहले बड़े फैसले लेकर उन्हें जोर-शोर से लागू करती है, लेकिन विरोध और दबाव बढ़ने पर पीछे हट जाती है।

पायलट ने तीन कृषि कानूनों, जातिगत जनगणना और अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के फैसलों में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अग्निवीर योजना लागू करने का आधार क्या था और अब इसमें बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

अग्निवीर योजना पर सरकार से पूछा सवाल

सचिन पायलट ने कहा कि अग्निवीर योजना का फैसला सरकार ने लिया था, लेकिन इसे सही ठहराने के लिए सेना को आगे क्यों रखा गया? कांग्रेस शुरू से ही इस योजना का विरोध करती रही है। उनका कहना है कि चार साल की सेवा के बाद युवाओं को अपने भविष्य को लेकर असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। पायलट ने कहा कि भारत में सेना में स्थायी भर्ती की परंपरा रही है। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि अग्निवीर योजना लाने की जरूरत क्यों पड़ी थी। उन्होंने योजना में होने वाले बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 25 प्रतिशत, फिर 75 प्रतिशत और अब लगभग 100 प्रतिशत रोलबैक की बात सामने आ रही है। उन्होंने नोटबंदी और अमेरिका के साथ डील का भी उल्लेख किया। पायलट ने सवाल किया कि सरकार को अपने फैसले बदलने की जरूरत क्यों पड़ रही है और इसके पीछे क्या कारण हैं? उनके मुताबिक, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किसके दबाव में फैसलों में बदलाव किया जा रहा है।

तीन कृषि कानूनों और जातिगत जनगणना का भी किया जिक्र

मोदी सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए पायलट ने तीन कृषि कानूनों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सरकार तीनों कानून लेकर आई थी, लेकिन दिल्ली में करीब डेढ़ साल तक किसानों का आंदोलन चला। इस दौरान सैकड़ों लोगों की जान गई और बाद में सरकार को तीनों कानून वापस लेने पड़े। उन्होंने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। पायलट के मुताबिक, जब राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना और सामाजिक विश्लेषण की मांग उठाई थी, तब कांग्रेस नेताओं को अर्बन नक्सली तक कहा गया। बाद में सरकार ने भी जातिगत जनगणना के समर्थन की बात कही। पायलट ने इन उदाहरणों के जरिए सरकार की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा

पंजाब के राजनीतिक हालात पर सचिन पायलट ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और आगामी चुनाव में पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकारों के दौरान हरित क्रांति और श्वेत क्रांति की शुरुआत हुई थी। साथ ही राज्य को आतंकवाद से बाहर निकालकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया गया। भाजपा पर निशाना साधते हुए पायलट ने सवाल किया कि जब भाजपा अकाली दल के साथ पंजाब में सत्ता में थी, तब नशे की समस्या खत्म क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि केंद्र में 12 साल से भाजपा की सरकार है। ऐसे में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाले नशीले पदार्थों और हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए? उन्होंने पंजाब को विशेष पैकेज और निवेश नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।

आम आदमी पार्टी पर भी साधा निशाना

सचिन पायलट ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और संगठन की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में बिखराव हुआ है। सात-आठ सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, तीन विधायकों ने भाजपा ज्वाइन कर ली है और एक विधायक को निलंबित किया गया है। पायलट ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी का जनता के बीच विश्वास कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में हुई कांग्रेस की रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां पुलिस ने बल प्रयोग किया, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को सुनने पहुंचे थे।

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

चुनाव आयोग में हो रहे बदलावों को लेकर भी पायलट ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के एक फैसले से दो चुनाव आयुक्तों ने खुद को अलग कर लिया था। अब फॉर्म-6 में बदलाव किए जा रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी इस मामले में आदेश आ चुका है। पायलट ने आरोप लगाया कि एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों के जरिए करीब 13.50 करोड़ लोगों के नाम हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार नागरिकों का मूलभूत अधिकार है और इससे किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

चुनावों में धांधली और वोट चोरी का लगाया आरोप

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग लगातार अपने फैसले बदल रहा है। उनके मुताबिक, जिन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं, वहां धांधली और वोट चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निजी कार्यक्रम की तरह बना दिया है। पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए और चुनाव कराने वाली संस्था की भूमिका अंपायर की तरह तटस्थ होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।

भाजपा की लोकतंत्र बचाओ रैली पर भी उठाए सवाल

भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलट ने कहा कि जिन लोगों पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और वोट चोरी के आरोप लग रहे हैं, वे ही आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में जनता तय करती है कि सत्ता में कौन रहेगा और विपक्ष में कौन, लेकिन इसके लिए चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।

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