विकास कुमार/सहरसा। जिले के सरकारी स्कूलों में परोसा जा रहा मिड-डे मील (MDM) जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। महज 24 घंटे के भीतर जिले के दो अलग-अलग प्रखंडों में भोजन करने के बाद सैकड़ों बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबरें सामने आई हैं। गुरुवार को महिषी प्रखंड के बाद शुक्रवार को सौर बाजार प्रखंड में इसी तरह की घटना से हड़कंप मच गया।

​सौर बाजार में मची अफरा-तफरी

​शुक्रवार सुबह सौर बाजार प्रखंड के सहुरिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय मूरचा में सुबह करीब 9 बजे बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा गया था। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत शुरू कर दी। देखते ही देखते विद्यालय परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। विद्यालय के बच्चों ने आशंका जताई कि परोसे गए भोजन में सांप के शरीर का कोई हिस्सा था, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

​अस्पताल में भर्ती, अधिकारियों ने किया निरीक्षण

​घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को सूचित किया गया। बीमार बच्चों को आनन-फानन में सौर बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपेश कुमार, एसपी हिमांशु, सदर एसडीओ और एसडीपीओ आलोक कुमार समेत कई वरीय अधिकारियों ने अस्पताल और विद्यालय का निरीक्षण किया। एमडीएम की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष टीमों को स्कूल भेजा गया है।

​महिषी में भी बिगड़ी थी 165 बच्चों की हालत

​गौरतलब है कि बीते गुरुवार (7 मई) को महिषी प्रखंड के बलुआहा मध्य विद्यालय में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां एमडीएम खाने से 165 बच्चे बीमार पड़ गए थे। उन बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया था। लगातार दो दिनों में दो बड़ी घटनाओं ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और एमडीएम की मॉनिटरिंग पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

​अफवाह या हकीकत? डीएम ने दी सफाई

​मामले पर जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला ‘मास हिस्टीरिया’ या अफवाह का अधिक लग रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल 12-15 बच्चों को ही चिकित्सकों ने ऑब्जरवेशन में रखा है और बाकी बच्चे सामान्य हैं। डीएम ने कहा, “कल भी बच्चे कुछ ही घंटों में स्वस्थ होकर घर लौट गए थे। जांच टीमें दोनों घटनाओं की बारीकी से जांच कर रही हैं। यदि कोई दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।