लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुस्लिम वोटों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी यूपी में मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करते हैं, तो समाजवादी पार्टी को एक भी वोट नहीं मिलेगा और सारा वोट कांग्रेस को जाएगा.

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‘मुसलमान सिर्फ भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए’

मौलाना रशीदी ने कहा कि हर राजनीतिक दल को अपनी विचारधारा के विस्तार और चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है. हालांकि, उन्होंने उन दलों पर निशाना साधा जो मुसलमानों से भाजपा को हराने के लिए वोट करने की अपील करते हैं. रशीदी ने कहा कि मुसलमान केवल भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि जो पार्टी कहती है कि उसका उद्देश्य भाजपा को हराना है, वह उनके मुताबिक कहीं न कहीं भाजपा के साथ मिली हुई है.

कांग्रेस और सपा के पुराने समर्थन पर सवाल

रशीदी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि लंबे समय तक कांग्रेस को मुस्लिम समुदाय का समर्थन मिलने के बावजूद समुदाय को क्या मिला. इसी तरह उन्होंने सपा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी मुस्लिम वोट लेती है और फिर मुसलमानों को ही भाजपा का एजेंट बताती है. उन्होंने 2027 में मुसलमानों से अपने हितों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर मतदान करने की बात कही.

ओवैसी और अखिलेश को भी दी चुनौती

रशीदी ने असदुद्दीन ओवैसी और अखिलेश यादव को भी मुस्लिम मुख्यमंत्री का ऐलान करने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी ऐसा ऐलान करते हैं तो उनके मुताबिक मुस्लिम वोट कांग्रेस की ओर जा सकते हैं. ओवैसी के उस रुख का भी उन्होंने जिक्र किया जिसमें मुस्लिम नेतृत्व और सत्ता में हिस्सेदारी की बात कही जाती है.

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हिंदू त्योहारों को लेकर भी की टिप्पणी

रशीदी ने होली, दिवाली और गरबा जैसे आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर धार्मिक दृष्टिकोण से टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जहां मूर्ति पूजा होती है, वहां मुस्लिमों को शामिल नहीं होना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और भाजपा नेतृत्व से ऐसे बयानों पर कार्रवाई करने की मांग की. रशीदी की इन टिप्पणियों के बाद चुनाव से पहले धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं.