Technology Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नौकरियों पर खतरे को लेकर चर्चा तेज है। कई लोगों को डर है कि AI इंसानों की जगह ले लेगा और बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन का मानना है कि सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए AI खतरा बनने के बजाय काम करने का एक शक्तिशाली साधन साबित हो सकता है। उनके अनुसार, AI की मदद से कोडिंग का काम तेजी से होगा और डेवलपर्स पहले से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम कर सकेंगे।
पॉडकास्टर मैथ्यू बर्मन के साथ करीब 45 मिनट के एक इंटरव्यू में ऑल्टमैन ने बताया कि AI के कारण कोडिंग का तरीका बदल रहा है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डेवलपर्स की जरूरत खत्म हो जाएगी।
AI के दौर में क्यों बढ़ सकता है डेवलपर्स का काम?
सैम ऑल्टमैन के मुताबिक, AI कोडिंग के कई छोटे और बार-बार किए जाने वाले काम आसानी से कर सकता है। इससे डेवलपर्स का समय बचेगा और वे बड़े व मुश्किल कामों पर ध्यान दे सकेंगे।
ऑल्टमैन का मानना है कि जब किसी काम को करने में कम समय लगता है, तो लोग अक्सर ज्यादा काम करने लगते हैं। इसी तरह, AI की मदद से सॉफ्टवेयर बनाना आसान और सस्ता होगा, जिससे कंपनियां नए सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाएं विकसित करने के लिए आगे आएंगी।
उन्होंने कहा कि कोडिंग करने वाले लोग पहले से ज्यादा व्यस्त होंगे और उनके काम का असर भी बढ़ेगा।

कोड लिखने के बजाय AI को निर्देश देने पर होगा ज्यादा जोर
AI के आने से सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के काम करने का तरीका बदल रहा है। पहले डेवलपर्स को कोड की हर लाइन खुद लिखनी पड़ती थी। अब AI शुरुआती कोड तैयार करने और दोहराए जाने वाले कामों में मदद कर सकता है।
ऐसे में डेवलपर्स की जिम्मेदारी सिर्फ कोड लिखने तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें AI को सही निर्देश देने, उसके बनाए कोड की जांच करने, गलतियों को सुधारने और बड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान निकालने पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
यानी आने वाले समय में AI का सही इस्तेमाल करना भी डेवलपर्स के लिए एक अहम स्किल बन सकता है।
Nvidia CEO भी AI से कोडिंग नौकरियां खत्म होने की आशंका से सहमत नहीं
AI के भविष्य को लेकर सिर्फ सैम ऑल्टमैन ही सकारात्मक नजरिया नहीं रखते। Nvidia के CEO जेनसन हुआंग ने भी कोडिंग से जुड़ी नौकरियों को लेकर चिंता को खारिज किया है।
उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर पहले से ज्यादा व्यस्त हैं। इस सोच के पीछे तर्क यह है कि AI सॉफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया को आसान कर सकता है, लेकिन नई तकनीक विकसित करने, उसकी जांच करने और उसे उपयोगी बनाने के लिए इंसानी समझ की जरूरत बनी रहेगी।
गणित के क्षेत्र में AI बदल सकता है काम करने का तरीका
ऑल्टमैन का मानना है कि गणित के क्षेत्र में AI का असर कोडिंग से अलग हो सकता है। AI अब जटिल गणितीय समस्याओं को हल करने और कठिन सवालों पर काम करने में भी प्रगति कर रहा है।
गणित में AI की मदद से मुश्किल गणनाएं और प्रमाण तैयार करने का काम आसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में गणितज्ञों की भूमिका भी बदल सकती है। उन्हें AI से मिले नतीजों की जांच करने, उनका अर्थ समझने और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने में उनका इस्तेमाल करने पर ज्यादा ध्यान देना पड़ सकता है।
हालांकि, जटिल गणितीय समस्याओं को हल करने में AI की क्षमता और उसके नतीजों की विश्वसनीयता का मूल्यांकन करना अभी भी जरूरी है।
बड़ी टेक कंपनियों में छंटनी से बढ़ी चिंता
AI को लेकर सकारात्मक उम्मीदों के बावजूद नौकरी बाजार की स्थिति पूरी तरह आसान नहीं है। साल 2026 में Meta, Oracle, Amazon और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी की खबरों ने चिंता बढ़ाई है।
इन छंटनियों के पीछे कंपनी के खर्च कम करने, कारोबार में बदलाव और संगठनात्मक पुनर्गठन जैसे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए हर छंटनी को सीधे AI के कारण हुई नौकरी में कटौती मानना सही नहीं होगा।
हालांकि, कंपनियां AI में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं और इसी दौरान कर्मचारियों की संख्या घटने से भविष्य की नौकरियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
क्या AI नई नौकरियां भी पैदा करेगा?
AI के कारण कुछ काम आसान होंगे, जबकि कुछ मौजूदा भूमिकाओं में बदलाव आ सकता है। वहीं, AI आधारित सॉफ्टवेयर, नई डिजिटल सेवाओं और तकनीकी समाधानों की मांग बढ़ने से नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
लेकिन AI के कारण जिन नौकरियों में बदलाव आएगा या जो नौकरियां खत्म होंगी, उनकी भरपाई नए अवसर कितनी तेजी से कर पाएंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

