Rajasthan Crime News: राजस्थान के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच में नया अपडेट सामने आया है। पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने हरियाणा के सोनीपत से साहिल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में विदेश से आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले आरजू बिश्नोई का नाम सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, साहिल को संयम लोढ़ा को टारगेट करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने कथित तौर पर शूटर्स के ठहरने, रेकी और वारदात के बाद उन्हें राजस्थान से बाहर निकालने की व्यवस्था की थी। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

सोनीपत से पकड़ा गया साहिल, साजिश की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस और AGTF की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर सोनीपत में कार्रवाई की। यहां से साहिल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक अन्य आरोपी साहिल पुत्र महेंद्र की तलाश भी जारी है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संयम लोढ़ा की रोजमर्रा की गतिविधियों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी कथित गैंग नेटवर्क तक किसने पहुंचाई।

शूटर्स के लिए ठिकाने से लेकर भागने तक की तैयारी

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने वारदात के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। शूटर्स के ठहरने के लिए सुरक्षित स्थान तय किए गए थे। संयम लोढ़ा की गतिविधियों और रास्तों की रेकी की गई।

योजना के मुताबिक, कथित वारदात के बाद शूटर्स को दूसरे वाहनों के जरिए राजस्थान से बाहर निकालने की व्यवस्था भी की गई थी। पुलिस का कहना है कि समय रहते मिले इनपुट के कारण साजिश को अंजाम नहीं दिया जा सका।

पहले गिरफ्तार हो चुके हैं कई आरोपी

इस मामले में पुलिस इससे पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हरियाणा के पानीपत निवासी राहुल और सोनीपत के गन्नौर निवासी सूरज सरोहा उर्फ टालू और हंशू को भी पकड़ा गया था।

इसके अलावा पंजाब के दो इनामी शूटर जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजेंद्र उर्फ बिल्ला भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस जांच में दोनों पर संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित योजना से जुड़े होने का आरोप सामने आया है।

18 सितंबर को वारदात की थी कथित योजना

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि शूटरों ने संयम लोढ़ा की सुरक्षा और आवाजाही वाले रास्तों की रेकी की थी। जांच के मुताबिक 18 सितंबर को कथित वारदात को अंजाम देने की योजना थी।

वारदात के बाद शूटर्स को तत्काल दूसरे वाहन से राजस्थान से बाहर ले जाने की तैयारी थी। हालांकि, योजना सफल नहीं हो सकी और शूटर्स जोधपुर से वापस लौट गए।

अब मकसद की जांच, रंगदारी या पुरानी रंजिश?

पुलिस इस मामले में साजिश के पीछे के मकसद की भी जांच कर रही है। फिलहाल रंगदारी और पुरानी राजनीतिक रंजिश समेत अलग-अलग पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है।

पुलिस जांच में आरजू बिश्नोई का नाम सामने आने के बाद एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। हालांकि, साजिश के अंतिम मकसद और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

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