Sanyam Lodha Lawrence Bishnoi Gang: राजस्थान के पूर्व कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा को कथित तौर पर निशाना बनाने की साजिश का खुलासा हुआ है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर पुलिस की जांच में सामने आया है कि लॉरेंस-बिश्नोई गैंग से जुड़े दो गिरफ्तार शूटर सिरोही पहुंचे थे और उन्होंने लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों को जोधपुर में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उनकी निशानदेही पर पाली-सिरोही मार्ग के पास से दो विदेशी पिस्टल और 36 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।

फार्म हाउस की रेकी, सुरक्षा व्यवस्था की जुटाई जानकारी

पुलिस पूछताछ में शूटरों से संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच के अनुसार, उन्होंने फार्म हाउस के आसपास की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को समझने की कोशिश की थी।

हालांकि उस समय फार्म हाउस पर पार्षदों की बाड़ाबंदी के कारण काफी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद थे। भीड़ और सुरक्षा के बीच शूटरों को वारदात का मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपना प्लान बदल दिया और सिरोही से जोधपुर की ओर चले गए।

जोधपुर पहुंचने के बाद AGTF और जोधपुर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर पहले से 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए दोनों शूटर?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। दोनों पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले हैं।

AGTF के अनुसार, दोनों पर पंजाब में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों पहले नेपाल चले गए थे और बाद में भारत लौटे थे। उनकी गतिविधियों पर AGTF लगातार नजर रख रही थी।

सिरोही में ठहरने और स्थानीय मदद की भी जांच

जांच में सिरोही में दोनों आरोपियों के ठहरने और उनकी आवाजाही से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर किसने मदद पहुंचाई और उनके लिए आवाजाही की व्यवस्था किसने की।

रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के एक संदिग्ध व्यक्ति द्वारा बाइक उपलब्ध कराने की भी जांच की जा रही है। पुलिस इस कड़ी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

पाली-सिरोही मार्ग पर मिले विदेशी हथियार

जांच आगे बढ़ने पर AGTF को पाली-सिरोही मार्ग पर हथियारों की एक खेप मिली। पुलिस के मुताबिक, ढोला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे से लगभग 200 मीटर दूर झाड़ियों में कपड़े के बैग में हथियार छिपाकर रखे गए थे।

बरामदगी में तुर्की निर्मित 9 एमएम पिस्टल, ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक 9 एमएम पिस्टल, चार मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस शामिल हैं। AGTF अब हथियारों के स्रोत और उनके संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है।

संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की वजह क्या थी?

पुलिस पूछताछ में शूटरों की ओर से पूर्व विधायक को निशाना बनाने की वजह को लेकर कुछ दावे सामने आए हैं। इनमें पारिवारिक या वैचारिक मतभेद का दावा भी शामिल है। हालांकि पुलिस ने इसे अंतिम कारण नहीं माना है।

जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस पूरी साजिश के पीछे किसी स्थानीय व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। कथित सुपारी, स्थानीय मदद और गैंग के दूसरे सदस्यों से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।

AGTF की जांच में खुल रहे साजिश के तार

AGTF के ADG दिनेश एमएन और जोधपुर पुलिस की निगरानी में मामले की जांच चल रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर हुई कार्रवाई के आधार पर पुलिस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।

फिलहाल जांच का एक अहम सवाल यह है कि शूटरों को सिरोही क्यों भेजा गया था और उनके पास मिले विदेशी हथियार किसके थे। पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश के अंतिम मास्टरमाइंड की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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