अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। रोहतास जिले के सासाराम की अदालत ने शक की बिनाह पर अपनी ही पत्नी के सिर में गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोषी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। इस न्यायपूर्ण फैसले से समाज में एक कड़ा संदेश गया है कि घरेलू हिंसा और अंधेक शक का अंजाम बहुत भयानक होता है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 18 फरवरी 2022 की है, जो नौहट्टा थाना क्षेत्र के टीपा गांव से जुड़ी हुई है। मृतका ज्योति सिंह, मूल रूप से झारखंड के जपला की रहने वाली थी, जिसकी शादी वर्ष 2020 में पंकज सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों की एक छोटी बेटी भी हुई। घटना के दिन ज्योति फोन पर किसी से बात कर रही थी। इसी बात को लेकर उसके पति पंकज सिंह के मन में शक पैदा हो गया। गुस्से और शक में अंधे हो चुके पति ने अपनी ही पत्नी के सिर में देसी कट्टे से गोली मार दी, जिससे मौके पर ही ज्योति की दर्दनाक मौत हो गई।
पिता ने ही दर्ज कराई थी FIR
इस मामले का सबसे मानवीय और कड़ा पहलू यह रहा कि आरोपी पति पंकज सिंह के पिता राजेश्वर सिंह ने अपने बेटे का साथ देने के बजाय कानून का साथ दिया। उन्होंने खुद पुलिस को इस घटना की सूचना दी और अपने ही बेटे के खिलाफ नौहट्टा थाने में हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। पिता के इस कदम ने न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज सिंह को हत्या में इस्तेमाल किए गए देसी कट्टा और खोखा (कारतूस) के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट का फैसला और सजा
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई, जिन्होंने साक्ष्यों के साथ अपनी बात रखी। सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर एडीजे-14 (ADJ-14) प्रहलाद कुमार की अदालत ने आरोपी पंकज सिंह को हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी करार दिया।
अदालत ने दोषी पति पंकज सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है और साथ ही 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी चंद्र विकास ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह जघन्य हत्याकांड अवैध देसी कट्टा के जरिए अंजाम दिया गया था, जिस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

