अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सासाराम से एक ऐसी खबर सामने आई है, जहां 14 साल की नाबालिग ने अकेले अपने दम पर इंसाफ की लड़ाई लड़ी। चचेरे भाई ने उसके साथ छह बार दुष्कर्म किया, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई थी। हैरानी की बात यह रही कि कोर्ट में परिवार के लोग भी उसके पक्ष में गवाही देने नहीं पहुंचे। इसके बावजूद बच्ची ने हिम्मत नहीं हारी और अदालत में अपनी बात मजबूती से रखी। अब कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
पीड़िता के परिवार ने भी नहीं दिया साथ
पूरा मामला तिलौथू थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां दो साल पहले एक 14 वर्षीय लड़की जो अपने चाचा के घर खाना बनाने जाती थी, जिसका फायदा उठाकर उसके चचेरे भाई भरत कुमार ने छह बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। इसके बाद मामले में तिलौथू थाना में केस दर्ज किया गया। घटना की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस मामले में कुल छह गवाह पेश किए गए। लेकिन किसी गवाह ने लड़की का साथ नहीं दिया। यहां तक की लड़की के माता-पिता एवं भाभी ने भी लड़की के पक्ष में गवाही नहीं दी। इसके बावजूद 14 साल की पीड़ित लड़की ने खुद कोर्ट में अपनी बात को बड़े ही मजबूती से रखी।
आरोपी को 20 साल की सजा, 10 हजार का जुर्माना
वहीं, पुलिस तथा स्वास्थ्य जांच करने वाले डॉक्टर लड़की के साथ पूरी हिम्मत से खड़े रहे एवं लड़की का काफी मदद किया, जिस कारण आज पीड़ित बच्ची को न्याय मिल सका। बता दे की कोर्ट ने पीड़ित लड़की को तीन लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। वहीं आरोपी भरत कुमार पर दोस्त साबित होने पर उसे 20 साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
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