अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम/ कु़ंदन कुमार, पटना। भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक पावन पर्व रक्षाबंधन आज हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर देश के कोने-कोने से भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरती को बयां करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। बिहार के सासाराम से लेकर राजधानी पटना तक इस पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह और उमंग का माहौल देखा जा रहा है।
सासाराम में दिखा रक्षाबंधन का पारंपरिक उल्लास
रोहतास जिले के मुख्यालय सासाराम में सुबह से ही रक्षाबंधन को लेकर बाजारों और घरों में विशेष चहल-पहल बनी हुई है। बहनें पारंपरिक अंदाज में सजी थाली लेकर अपने भाइयों के यहां पहुंच रही हैं। थाली में रोली, चंदन, अक्षत, मिठाई और प्यारे-प्यारे रंगों की राखियां सजाई गई हैं।
सासाराम में बहनों ने विधि-विधान के साथ अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उनकी सफलता की कामना करते हुए उनकी आरती उतारी। वहीं, परंपरा के अनुसार भाइयों ने भी राखी बंधवाने के बाद अपनी बहनों को उपहार और नेग दिया। भाइयों ने अपनी बहनों को हर परिस्थिति में रक्षा करने और हर संभव सहयोग प्रदान करने का वचन दिया। साल में एक बार आने वाला यह पवित्र त्योहार भाई-बहन के बीच के आपसी प्रेम और सौहार्द को पूरे साल प्रगाढ़ बनाए रखता है। सासाराम की गलियों से लेकर घरों तक आज हर तरफ बस इसी पावन रिश्ते की मिठास घुली हुई है।
पटना में प्रशांत किशोर को महिलाओं ने बांधी राखी
दूसरी तरफ, राजधानी पटना में भी रक्षाबंधन का पर्व राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में महिलाओं ने राखी बांधी।
इस विशेष अवसर पर जन सुराज पार्टी कार्यालय का माहौल पूरी तरह से पारिवारिक और आत्मीय नजर आया। महिलाओं ने प्रशांत किशोर की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने सभी बहनों का आभार व्यक्त किया और उन्हें रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बहुत मूल्यवान है।



भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अनूठा उत्सव
रक्षाबंधन महज एक धागे का बंधन नहीं है, बल्कि यह दो दिलों के बीच अटूट विश्वास की डोर है। सासाराम की पारंपरिक और पारिवारिक रौनक से लेकर पटना के राजनीतिक परिदृश्य तक, आज का दिन यह साबित करता है कि यह त्योहार हर वर्ग, हर आयु और हर क्षेत्र में समान रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। एक तरफ जहां परिवारों में भाई-बहन ने अपने रिश्तों को और मजबूत किया, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक जीवन में भी इस पर्व के माध्यम से आत्मीयता और सद्भाव का संदेश दिया गया। पूरे बिहार में यह पर्व भाई-बहन के प्रेम के अनूठे प्रतीक के रूप में धूमधाम से संपन्न हो रहा है।


