अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। न्यायालय ने न्याय की दिशा में एक और कड़ा कदम उठाते हुए नाबालिग से जुड़े एक गंभीर अपराध में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-6) सह पॉक्सो कोर्ट ने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए रोहित कुमार बिंद नामक युवक को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।

​घटना का विवरण

​अपर लोक अभियोजक जनक राज किशोरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह दिल दहला देने वाली घटना 2 नवंबर 2025 की है। नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 13 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को निशाना बनाया गया था। आरोपी रोहित कुमार ने सुनियोजित तरीके से 13 साल की इस मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया था और फिर उसके साथ घिनौनी दरिंदगी व दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रोहित कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।

​सुनवाई और अदालत का फैसला

​न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पॉक्सो कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत पैरवी की गई। इस दौरान कुल 6 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई, जिनके बयानों और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने रोहित कुमार को इस जघन्य अपराध का दोषी करार दिया।
​दोषसिद्ध होने के बाद अदालत ने सजा के बिंदुओं पर विस्तृत सुनवाई की। इसके उपरांत, ADJ-6 पास्को कोर्ट ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, अदालत द्वारा 3 साल की अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है, जो मुख्य सजा के साथ-साथ (Concurrent) यानी एक ही समय पर संचालित होगी।