विधायक सावित्री जिंदल ने हिसार में योगाभ्यास किया और योग को जीवन पद्धति बताया। 7 जून से 15 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण और बाल संस्कार शिविर शुरू होंगे।

विनोद सैनी, हिसार। जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि योग समिति एवं पतंजलि परिवार द्वारा संचालित योग जागरण अभियान का आज विभिन्न स्थानों पर सफलतापूर्वक समापन हुआ। हुडा पार्क, अर्बन एस्टेट-2 में आयोजित विशेष प्रशिक्षण सत्र में हिसार विधायक एवं पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और साधकों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के प्रयासों से योग आज विश्वव्यापी आंदोलन बन चुका है। यह केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक पद्धति है। उन्होंने सभी नागरिकों से 21 जून के कार्यक्रमों में जुड़ने और योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

योग शिक्षक और बाल संस्कार शिविर

पतंजलि परिवार के जिला प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने उपस्थित साधकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, मुद्राएं और स्वास्थ्यवर्धक क्रियाओं का अभ्यास कराया। शिविर में मोटापा, थायराइड, मधुमेह और रीढ़ संबंधी समस्याओं के लिए विशेष योग अभ्यास भी करवाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘हरित धरा–स्वच्छ गगन’ अभियान के तहत सावित्री जिंदल को पौधा भेंट किया गया। प्रवक्ता सुरेन्द्र पानू हिन्दुस्तानी ने जानकारी दी कि स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए स्वस्थ बचपन और संयमित यौवन अनिवार्य है। इसी कड़ी में, अब पतंजलि परिवार 7 जून से 21 जून तक ठाकुरदास भार्गव सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 15 दिवसीय असिस्टेंट योग टीचर ट्रेनिंग और बाल संस्कार शिविर शुरू करने जा रहा है।

संस्कारित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण

ठाकुरदास भार्गव स्कूल के सरस्वती हॉल में प्रतिदिन प्रातः 5:00 से 7:00 बजे तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में योग दर्शन, व्यक्तित्व विकास, शिक्षण पद्धति और नेतृत्व कौशल सिखाया जाएगा। इसके साथ ही, सायं 6:30 बजे से 7:30 बजे तक बाल संस्कार शिविर में बच्चों को योग, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार दिए जाएंगे। समाजसेवी संजय डालमिया ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। सुरेन्द्र पानू हिन्दुस्तानी ने कहा कि स्वस्थ, संस्कारित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल योग और भारतीय जीवन मूल्यों के समन्वय से ही संभव है। इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक और योग साधक उपस्थित रहे।