वीरेंद्र कुमार, नालंदा। सावन के पवित्र महीने की अंतिम सोमवारी पर पूरा आज नालंदा जिला पूरी तरह से शिवमय नजर आया। ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी राजगीर के शिवालयों से लेकर ग्रामीण इलाकों के मंदिरों तक सुबह से ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। अंतिम सोमवारी के विशेष महत्व को देखते हुए राजगीर के प्रसिद्ध बाबा सोमनाथ सिद्धनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
सुबह 3 बजे से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
सुबह करीब 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था और करीब 15 हजार से अधिक भक्तों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर बाबा सिद्धनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।
सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर देश और बिहार के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सबसे पहले राजगीर के प्रसिद्ध ब्रह्मकुंड और अन्य गर्म जलस्रोतों में स्नान किया। इसके बाद भक्त गंगाजल, बेलपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री लेकर वैभारगिरि पर्वत की ओर रवाना हुए।
530 से अधिक सीढ़ियों की करनी पड़ती है चढ़ाई
ब्रह्मकुंड से लेकर पहाड़ी के रास्ते तक जगह-जगह शिवभक्तों की भीड़ दिखाई दी। केसरिया वस्त्र पहने कांवरियों और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वैभारगिरि पर्वत की चोटी पर स्थित बाबा सिद्धनाथ महादेव मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी रास्ते और 530 से अधिक सीढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बाबा के दर्शन के लिए कठिन चढ़ाई करते नजर आए। कई श्रद्धालु नंगे पैर बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ते रहे। राजगीर का सिद्धनाथ महादेव मंदिर स्थानीय धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन इतिहास में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस क्षेत्र का संबंध महाभारत काल और मगध के प्राचीन इतिहास से रहा है।
मगध नरेश बृहद्रथ ने यहां की थी शिव आराधना
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मगध नरेश बृहद्रथ ने संतान प्राप्ति के लिए यहां भगवान शिव की आराधना की थी। मान्यता है कि बाद में उनके पुत्र जरासंध ने भी इसी क्षेत्र में भगवान शिव की साधना की। इसी धार्मिक आस्था के कारण सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अंतिम सोमवारी के दिन भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और मनोकामना की प्रार्थना करते हैं।
अलर्ट पर रहा जिला प्रशासन और पुलिस
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नालंदा जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आया। ब्रह्मकुंड क्षेत्र से लेकर वैभारगिरि पर्वत तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। प्रवेश और निकास मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। जगह-जगह मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई।
डीएसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और सुबह से लगातार बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार के साथ-साथ संभावित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पहाड़ी पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्पेशल क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी QRT को तैनात किया गया है।
फिलहाल राजगीर में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। सावन की अंतिम सोमवारी पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से राजगीर की पहाड़ियां गूंज रही हैं और बाबा सिद्धनाथ के दरबार में आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है।
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