कुंदन कुमार। मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर आज सोमवार सुबह अचानक भगदड़ मच गई। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। भगदड़ में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। गनीमत की बात यह रही की हादसे को लेकर किसी भी प्रकार की कोई जनहानी की खबर सामने नहीं आई है।
घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल भेजा गया
सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की सूचना है। घटना के बाद सिंहेश्वर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। फिलहाल जिला प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया है। मंदिर में श्रद्धालुओं का जलार्पण और पूजा-अर्चना जारी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील कर रहा है।
भारी संख्या में जल चढ़ाने पहुंचे थे श्रद्धालु
दरअसल आज अंतिम सोमवारी होने की वजह से भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए सिंहेश्वर मंदिर पहुंचे हुए थे। इस दौरान मंदिर के गेट पर अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह 6:30 के बीच मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही भीड़ बेकाबू हो गई और भगदगड़ जैसे हालात पैदा हो गए। इस दौरान कुछ श्रद्धालु नीचे जमीन पर गिर गए। इनमें कुछ महिला श्रद्धालु भी शामिल हैं, जिन्हें भीड़ में दबने से उन्हें चोट भी आई। सभी घायलों को इलाज के लिए मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन ने स्थिति को संभाला
अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। डीएम-एसपी भी मंदिर की व्यवस्था पर अपनी नजर बनाए हुए थे। हालांकि हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर तत्काल स्थिति को संभाला वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच डर का माहौल कायम हो गया।
गौरतलब है कि इससे पहले लखीसराय में तीसरे सोमवारी के दिन अशोक धाम मंदिर में भगदड़ मच गया था, जिसमें 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। वहीं, कई श्रद्धालु घायल हो गए थे।
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